बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी की विभागीय प्रमोशन परीक्षा में पूछे गए गलत प्रश्नों के मामले में हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को राहत प्रदान की है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को बोनस अंक देने और तीन महीने के भीतर जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।
मामला क्या है?
कंपनी ने जूनियर इंजीनियर के पद के लिए विभागीय परीक्षा का आयोजन किया था। परीक्षार्थियों ने शिकायत की थी कि परीक्षा में शामिल किए गए कुछ प्रश्न गलत थे। विशेष रूप से, परीक्षा में दिए गए विकल्पों में गड़बड़ी थी। इनमें से 10 सवाल ऐसे थे, जिन्हें सही उत्तर देने के लिए गलत विकल्प दिए गए थे।
प्रश्नपत्र में कुछ प्रश्नों के लिए पांच विकल्प दिए गए थे, लेकिन उत्तर लिखने के लिए चार स्थान छोड़े गए थे। इस कारण परीक्षार्थियों को संशय था कि कौन सा विकल्प सही है। इससे डरकर उन्होंने उन सवालों का उत्तर नहीं दिया। बाद में जब परिणाम जारी हुआ, तो कई अभ्यर्थियों को पदोन्नति के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया।
उच्च न्यायालय की कार्रवाई
अभ्यर्थियों ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के लिए बोनस अंक या उन प्रश्नों को विलोपित करने की मांग की। शुरुआत में उप महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी ने उनके अभ्यावेदन को खारिज कर दिया था, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं।
हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की और कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को बोनस अंक दिए जाएं और जूनियर इंजीनियर के पद के लिए तीन महीने के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।

