भाटापारा : छत्तीसगढ़ के भाटापारा क्षेत्र में स्थित ग्राम गिधौरी में नकली शराब का कारोबार खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध गतिविधि के संबंध में प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गिधौरी के कुछ क्षेत्रों में नकली शराब का यह कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, और यह जानकारी गांववासियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को है।
आश्चर्य की बात यह है कि इस गैरकानूनी गतिविधि की रिपोर्टिंग होने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। गांव के रहवासी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस को इस अवैध शराब के नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी होने के बावजूद वे अपराधियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इन शिकायतों के बीच यह स्पष्ट हो रहा है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण नशा कारोबारियों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।
प्रशासनिक उपेक्षाएँ?
सवाल उठता है कि जब स्थानीय प्रशासन अन्य मामलों में तेजी दिखाने के लिए तत्पर रहता है, तो ग्राम गिधौरी में इस अवैध कारोबार की ओर आंखें क्यों मूंदी जा रही हैं? क्या यह मामला प्रशासनिक उपेक्षा का है, या फिर राजनीतिक हस्तक्षेप इस कार्रवाई में बाधा डाल रहा है?
थाना प्रभारी का बयान
इस मामले पर जब गिधौरी थाना प्रभारी, शशांक सिंह ठाकुर से बातचीत की गई, तो उन्होंने दावा किया कि पूर्व में कुछ लोग अवैध शराब का कारोबार कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इस पर लगातार कार्रवाई की है और अब यह काम बंद हो चुका है। हालांकि, यह दावे स्थानीय लोगों की वास्तविकता से मेल नहीं खाते।
गांव के निवासी लगातार इस समस्या से जूझ रहे हैं, और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन आएगा, स्थिति की गंभीरता को समझेगा, और गिधौरी को इस अवैध और खतरनाक कारोबार से जल्द मुक्त करेगा। प्रशासन की उदासीनता की वजह से लोग चिंता और भय के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
यदि स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो यह समस्या फिर से बढ़ सकती है जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और उचित कदम उठाए।

