रायपुर – प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रदेश में 2,200 घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है, जबकि 38,000 उपभोक्ता अभी भी इस योजना के तहत आवेदन के लिए कतार में हैं। योजना की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, प्रदेश सरकार अब इसमें सब्सिडी देने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
योजना का उद्देश्य
केंद्र सरकार ने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए एक व्यापक योजना बनाई है, जिसका लक्ष्य देशभर में एक करोड़ से अधिक घरों की छतों पर सौर पैनल लगाना है। छत्तीसगढ़ में प्रशासन ने 2027 तक 1.30 लाख घरों को रोशन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
तकनीकी परेशानियाँ
हालांकि, केंद्र सरकार के पोर्टल में कुछ तकनीकी खराबियों के कारण कई आवेदकों को आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। इस समस्या को समाधान किया जा रहा है, जिससे संभावित आवेदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
सब्सिडी की जानकारी
सौर पैनल लगाने के लिए 300 से अधिक वेंडरों के माध्यम से सब्सिडी योजना लागू की जाएगी। केंद्र सरकार ने प्रति किलोवाट के लिए 30,000 रुपए की सब्सिडी निर्धारित की है, जिससे 1 किल्वाट पर कुल लागत 70,000 रुपए, 2 किलोवाट पर 1.20 लाख रुपए और 3 किलोवाट पर 1.75 लाख रुपए खर्च आ सकता है।
प्रदेश के पॉवर कंपनी अधिकारी बताते हैं कि इस योजना में सभी आय वर्ग के लोग आवेदन कर सकते हैं, और कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है। इससे सब्सिडी का फायदा हर वर्ग के लोगों को मिलेगा, जिससे सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
योजन की पिछली प्रगति
पिछले वर्ष अप्रैल से सितंबर तक, इस योजना के लिए केवल 7,000 आवेदन आए थे। लेकिन पॉवर कंपनी द्वारा शिविर लगाकर योजना की जानकारी फैलाने के बाद, अब तक 38,000 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
इस तरह की योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ में न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

