रायपुर में पुलिस ने नकली शराब बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे नकली सुरक्षा होलोग्राम और ढक्कन का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से शराब की बिक्री कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बीएच ढाबा के संचालक सकंटमोचन सिंह और श्री गणेश प्रिंटिंग दुकान के संचालक गणेश चौरसिया शामिल हैं।
यह मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है, जहाँ बीएच ढाबा में नकली शराब बेची जा रही थी। जब तक आबकारी विभाग को इस बारे में सूचित किया गया, तब तक जांच शुरू की गई। विभाग ने ढाबा और एक दुकान पर छापेमारी की, जिसमें उन्हें भारी मात्रा में नकली सुरक्षा होलोग्राम, ढक्कन और विभिन्न डिस्टलरी के नकली स्टीकर प्राप्त हुए।
आबकारी विभाग की टीम ने जब बीएच ढाबे पर दबिश दी, तो वहाँ पर उन्हें नकली शराब तथा शराब की बोतलों में लगाए जाने वाले नकली होलोग्राम और ढक्कन मिले। इसके अलावा, बीरगांव के लक्ष्मी कॉम्पलेक्स स्थित प्रिंटिंग प्रेस से भी 371 नकली होलोग्राम की सीट जब्त की गई। इन होलोग्राम का उपयोग देशी प्लेन मदिरा में किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि नकली होलोग्राम और ढक्कन को दूसरे जिलों में भेजने के सबूत मिले हैं, जिससे इस पूरे रैकेट की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है। आबकारी विभाग ने इस मामले में FIR दर्ज करवाई है, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब प्रदेश में नकली शराब के खिलाफ प्रशासन की मुहिम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि नागरिकों की स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच भी शुरू कर दी है, जिससे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि नकली शराब का कारोबार राज्य में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है, और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इसे रोकने के लिए तत्पर हैं।

