रायपुर में सेमेस्टर परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला जारी है, लेकिन इस दौरान छात्रों को कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं में सबसे प्रमुख है वेबसाइट की धीमी गति और अन्य तकनीकी गड़बड़ियाँ। हाल ही में रविवि (राजीव गांधी विश्वविद्यालय) ने सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए आवेदन तिथि में वृद्धि की है, जबकि व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) अभी तक सहायक विकास विस्तार अधिकारी के फॉर्म में दिव्यांग कोटे का विकल्प जोड़ने में असफल रहा है।
व्यापम ने सहायक विकास विस्तार अधिकारी के 200 पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसमें दिव्यांगों के लिए 14 सीटें आरक्षित हैं। आवेदन प्रक्रिया 7 अप्रैल से शुरू हुई थी और अभ्यर्थियों को 2 मई तक आवेदन करने का समय दिया गया है। हालांकि, दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय विकल्प न मिल पाने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दिव्यांग अभ्यर्थियों ने व्यापम से पत्राचार किया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
सिर्फ व्यापम ही नहीं, बल्कि अन्य परीक्षाओं के लिए भी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क भरने से पहले दिशानिर्देशों का इंतजार है। हाल ही में, सरकार ने यह निर्णय लिया है कि व्यापम और पीएससी (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) की परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को पहले परीक्षा शुल्क भरना होगा। हालांकि, व्यापम द्वारा अभी तक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, जिससे अक्षमता के कारण कई अभ्यर्थी बिना फीस के आवेदन कर रहे हैं।
रविवि द्वारा मई-जून की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए आवेदन की शुरुआत 20 अप्रैल को हुई थी। पहले छात्रों को 100 रुपए विलंब शुल्क के साथ 26 अप्रैल तक आवेदन का मौका दिया गया था। लेकिन अब रविवि ने तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल तक बगैर विलंब शुल्क के आवेदन की अनुमति दी है। इसके अलावा, 100 रुपए के विलंब शुल्क के साथ 1 से 5 मई तक भी आवेदन किया जा सकता है।
छात्रों की समस्याओं को देखते हुए यह आवश्यक है कि संबंधित अधिकारियों को ध्यान देकर तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। छात्रों की इन चिंताओं का समुचित समाधान होना चाहिए ताकि उन्हें अपनी शिक्षा और करियर में बाधाओं का सामना न करना पड़े।

