छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को बालोद जिले के दौरे के दौरान नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए कठोर उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया। वे गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम भेंडरा में मिनीमाता की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद बालोद जिला साहू समाज के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा संकल्प है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूर्ण रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डेडलाइन निश्चित है और सरकार इस दिशा में सक्रियता से काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने बस्तर में चल रहे सुरक्षा अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और जंगल में जाकर उनसे मुकाबला कर रहे हैं।
उनकी चेतावनी स्पष्ट थी कि नक्सलियों को यदि मुख्य धारा में शामिल होना है, तो उन्हें अपनी कार्य प्रणाली बदलनी होगी। “हमने कई बार नक्सलियों को वक्त दिया है, लेकिन अगर वे इसमें असफल रहते हैं, तो हमारे निर्णय और कार्रवाई निश्चित हैं,” उन्होंने कहा।
साथ ही, बालोद जिले में भीषण गर्मी के कारण पेयजल संकट की समस्या का समाधान निकालने के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने 70 नए ट्यूबवेल की स्वीकृती दी, ताकि जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने पुराने हैंडपंपों की मरम्मत के लिए मोबाइल यूनिट की मदद से सुधार करने का भी आदेश दिया।
सुशासन त्यौहार पर जोर:
उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि सुशासन त्यौहार के तहत जनता की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह त्यौहार जनता के साथ संवाद करने और उनकी समस्याओं को सुनने का एक आदर्श अवसर है।”
बालोद जिले के विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समय पर निर्माण कार्य पूरा करने की भी बात कही और कहा कि यह भी जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का एक उपाय है।
इस घटना के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना, ताकि सरकार की योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन किया जा सके।
निष्कर्ष:
अरुण साव की यह यात्रा न केवल विकास कार्यों की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण थी बल्कि यह नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की दिशा में एक और कदम रही। उनकी स्पष्ट डेडलाइन और ठोस योजना ने यह संकेत दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज में सुरक्षा और स्थिरता को स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

