छत्तीसगढ़ के नगरी ब्लॉक अंतर्गत बेलरगांव में अवैध रेत परिवहन को रोकने का प्रयास एक ग्राम पंचायत सदस्य को भारी पड़ गया। शनिवार को अवैध रूप से रेत से भरे एक ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश कर रहे पंच गजेंद्र नेताम को ट्रैक्टर चालक ने कुचलने का प्रयास किया। इस घटना ने रेत तस्करी से जुड़ी बेलगाम स्थिति और माफियाओं की हिम्मत का काला चेहरा उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बेलरगांव बस स्टैंड के पास चौक में पंच गजेंद्र नेताम ने एक ट्रैक्टर को रुकने का इशारा किया, जो अवैध रूप से रेत भरकर ले जा रहा था। परंतु चालक ने वाहन को पंच की ओर दौड़ा दिया। ट्रैक्टर ने पहले गजेंद्र नेताम की मोटरसाइकिल को रौंदा और फिर अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक घायल हो गया, जिसे आसपास के ग्रामीणों द्वारा तत्काल बेलरगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीता नदी पुल के पास से पिछले कई दिनों से लगातार अवैध रूप से रेत की ढुलाई की जा रही है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर रोक लगाने के लिए कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, परंतु कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। अब जब पंचों और जागरूक नागरिकों ने स्वयं मोर्चा संभालने की कोशिश की, तो रेत माफिया हिंसक हो उठे हैं।
इस घटना से गांव में भारी आक्रोश फैल गया है। लोग प्रशासन से तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन रेत माफियाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। पुलिस प्रशासन को न केवल अवैध रेत परिवहन पर रोक लगानी चाहिए, बल्कि उन लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए जो इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
रेत तस्करी केवल एक पर्यावरणीय संकट नहीं है, यह अब कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती बन चुकी है। बेलगाम माफिया और लचर निगरानी व्यवस्था मिलकर क्षेत्र को अराजकता की ओर धकेल रही है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।


