छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के ठेलकाबोड़ गांव में एक बार फिर तेंदुए की सक्रियता ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। शुक्रवार रात गांव में एक तेंदुआ घुस आया और एक मवेशी पर हमला कर उसे अपना शिकार बनाने की कोशिश की। मवेशी की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर तेंदुए को भागने पर मजबूर कर दिया।
गौरतलब है कि यह पहली घटना नहीं है। गांव में पिछले कुछ महीनों से तेंदुए की लगातार मौजूदगी दर्ज की जा रही है। इससे पहले भी वह कई बार मुर्गे, कुत्ते और मवेशियों को निशाना बना चुका है। वन विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी उपाय नहीं किए जाने के कारण ग्रामीण खुद ही सतर्कता बरतने को मजबूर हैं।
तेंदुए के गांव में बार-बार आने से ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, विशेष रूप से रात के समय। बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। खेतों में जाने वाले किसान भी अब समूह में काम करने लगे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं और गांव के आसपास गश्त बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो भविष्य में तेंदुआ किसी इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
वन्यजीवों की लगातार मानवीय बस्तियों में घुसपैठ यह भी दर्शाती है कि उनके जंगलों का क्षेत्र सिमट रहा है, और उनके लिए भोजन की उपलब्धता कम हो रही है। ऐसे में वन विभाग को दीर्घकालिक समाधान की ओर ध्यान देना जरूरी है।


