बलरामपुर-रामानुजगंज, 16 जून 2025. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चाकी गांव में एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथी के हमले से एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सोमवार तड़के लगभग 2 बजे की है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
पीड़ित महिला राधिका भूईया (36 वर्ष) अपने पति मुन्ना राम के साथ जंगल किनारे बसे घर से बाहर बाथरूम के लिए निकली थीं, तभी अचानक पहुंचे एक नर हाथी ने राधिका को सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मुन्ना राम अपनी बेटी के साथ किसी तरह जान बचाकर भाग निकले।
इसी हमले में टीभाली सिंह (52 वर्ष) का घर भी हाथी ने ध्वस्त कर दिया और वह उसकी चपेट में आ गया। हादसे में टीभाली के दोनों पैर टूट गए। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद बलरामपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
वन विभाग पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत के सभापति बद्री यादव और समाजसेवी संतोष यादव मौके पर पहुंचे। संतोष यादव ने वन विभाग की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल को भी इसी प्रकार की एक घटना में एक ग्रामीण की जान गई थी, लेकिन वन विभाग ने न तो कोई ठोस कार्ययोजना बनाई और न ही हाथियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
रेंजर निखिल सक्सेना के अनुसार, यह नर हाथी वाड्रफनगर से होते हुए चाकी गांव पहुंचा और अब छतवा शिवपुर की ओर बढ़ गया है। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए लगातार मुनादी की जा रही है और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मृत महिला के परिवार को तत्काल राहत के तौर पर ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी गई है।
समस्याएं और समाधान की मांग
घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वन्यजीव और मानव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में है। समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से अपील की है कि ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और प्रभावशाली कार्ययोजना तैयार की जाए।


