जशपुर. जशपुर जिले के कांसाबेल वन परिक्षेत्र अंतर्गत नकबार गांव में एक जंगली हाथी ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। गांव के एक घर में घुसकर हाथी ने न केवल भारी तोड़फोड़ की, बल्कि घर में रखा अनाज भी चट कर गया। गनीमत रही कि समय रहते परिवार के सभी सदस्य भाग निकले, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देर रात अचानक एक विशालकाय हाथी गांव में आ धमका और सीधे एक घर की ओर बढ़ गया। हाथी ने पहले घर की दीवारों और खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया, फिर भीतर घुसकर सामान तहस-नहस कर दिया। उसके बाद उसने अनाज भंडारण पर धावा बोल दिया और काफी मात्रा में अनाज खा गया।
24 हाथियों का दल सक्रिय
वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस क्षेत्र में इन दिनों 24 हाथियों का एक दल सक्रिय है, जो लगातार गांवों की ओर मूवमेंट कर रहा है। विभाग ने वन क्षेत्र और आसपास के गांवों में मुनादी करवाकर लोगों को अलर्ट कर दिया है कि वे जंगल की ओर न जाएं और रात में बाहर न निकलें। साथ ही विभाग की एक टीम हाथियों की मूवमेंट पर पैनी नजर रखे हुए है।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन से मदद की मांग
इस घटना से नकबार और आसपास के गांवों के लोगों में भय व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा या चेतावनी नहीं दी गई थी। अब लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि प्रभावितों को मुआवजा दिया जाए और हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं।
वन विभाग की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि हाथियों को वापस जंगल की ओर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं और यदि जरूरत पड़ी तो बाहरी वन क्षेत्रों से विशेषज्ञ दल को बुलाया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब जशपुर जैसे सीमावर्ती वन क्षेत्र में हाथियों ने इस तरह का उत्पात मचाया हो। लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या इंसानों और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए पर्याप्त तैयारी की गई है?


