21 जून 2025 को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। छत्तीसगढ़ में भी यह अवसर व्यापक उत्साह और भागीदारी के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान कुनकुरी रेस्ट हाउस में संवाद करते हुए योग की महत्ता पर प्रकाश डाला और इसे भारत की मानवता को दी गई अमूल्य देन बताया।
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली है
सीएम साय ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन देने वाली सम्पूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने बताया कि यदि हम प्रतिदिन थोड़ा समय योग के लिए निकालें, तो दीर्घकालीन स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। योग के जरिए कई बीमारियों से बचाव संभव है क्योंकि हर बीमारी के लिए योग में कोई न कोई उपयोगी आसन मौजूद है।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली। मोदी जी द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में योग दिवस का प्रस्ताव रखने के बाद 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया गया, जो आज 190 से अधिक देशों में मनाया जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और जीवनदायिनी परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
‘योग संगम – हरित योग’ थीम पर राज्यव्यापी आयोजन
इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग संगम – हरित योग’ रखी गई थी। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका की उपस्थिति में योग कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के रणजीता स्टेडियम में कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में आयोजित योग कार्यक्रम में भाग लिया।
निष्कर्ष
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्यभर में जनता, अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यह संदेश दिया कि योग आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए स्वास्थ्य और शांति का माध्यम बन चुका है। मुख्यमंत्री साय ने योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की और इसे आत्मिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त साधन बताया।


