छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एनएसपीसीएल (NSPCL) पुरैना के पावर प्लांट में कार्यरत एक महिला मजदूर ने कार्यस्थल पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान 54 वर्षीय रामेश्वरी साहू के रूप में हुई है, जो पिछले 15 वर्षों से इस पावर प्लांट में मजदूरी का कार्य कर रही थीं।
घटना की जानकारी सुरक्षा गार्ड द्वारा पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुरानी भिलाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की, लेकिन अब तक आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) छावनी, हरीश पाटिल ने बताया कि मृतका डुंडेरा की रहने वाली थीं और काफी लंबे समय से एनएसपीसीएल पावर प्लांट में काम कर रही थीं। शाम को वह कार्यस्थल पर अकेली थीं, तभी उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय उजागर हुई जब अन्य मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। महिला की आत्महत्या के पीछे घरेलू कारण, मानसिक तनाव या कार्यस्थल से जुड़ी कोई समस्या थी या नहीं, इस दिशा में पुलिस छानबीन कर रही है। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि इस कदम के पीछे की असली वजह का पता चल सके।
इस घटना ने पावर प्लांट और श्रमिक समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है। सहकर्मियों ने बताया कि रामेश्वरी साहू एक मेहनती और शांत स्वभाव की महिला थीं और अपने काम को पूरी निष्ठा से निभाती थीं। उनके आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने की खबर से सभी स्तब्ध हैं।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कार्यस्थल पर काम करने वाले मजदूरों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और समस्याओं की समय पर पहचान और समाधान कितना जरूरी है। प्रशासन और प्रबंधन को इस दिशा में और संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


