छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन पोस्ट साझा करने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में दो व्यक्तियों को नोटिस जारी कर 20 जुलाई को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के समक्ष साक्ष्य सहित उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और असत्य सूचनाओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा आदिवासी विकास विभाग बलौदाबाजार की ओर से छात्रावासों में उपयोग के लिए वाटर जग की खरीद को लेकर की गई एक भ्रामक पोस्ट पर त्वरित संज्ञान लिया गया। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी में यह पोस्ट सामने आई, जिसमें वाटर जग की कीमत और खरीद प्रक्रिया को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन जानकारियां दी गई थीं।
कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय सोशल मीडिया मॉनिटरिंग समिति ने मामले की जांच की। जांच के बाद पाया गया कि बलौदाबाजार निवासी यूथ कांग्रेस के जिला समन्वयक राजू कुमार और दुर्ग जिले के साजा भिलाई निवासी डिजिटल क्रिएटर सितम बंजारे ने क्रमशः एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर इस विषय में तथ्यहीन लेख और चित्र साझा किए थे। प्रशासन ने इसे जनमानस को गुमराह करने वाला और प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम माना है।
दोनों व्यक्तियों को 20 जुलाई 2025 को सुबह 11 बजे अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), बलौदाबाजार के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर साक्ष्यों सहित अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। यदि वे उपस्थित नहीं होते या संतोषजनक उत्तर नहीं देते, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी फैलाकर लोगों को भ्रमित करने, प्रशासन के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने या जनभावनाएं भड़काने की कोशिश करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इस दिशा में सतत निगरानी और कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
यह घटना सोशल मीडिया पर ज़िम्मेदारी से व्यवहार करने की आवश्यकता को दोहराती है और संकेत देती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की गई कोई भी गतिविधि प्रशासन की नजर से अछूती नहीं रहेगी।


