बलरामपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वाड्रफनगर के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र से सामने आए इस सनसनीखेज मामले में एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर बंधक बनाकर अमानवीय यातना देने का आरोप लगाया है। यह घटना समाज की उस भयावह सच्चाई को उजागर करती है, जहां आज भी घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
पीड़िता के अनुसार, उसके पति आकाश तिवारी, सास और ससुर ने उसे एक सप्ताह तक घर में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसे गर्म सलाखों से जलाया गया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर गर्म पानी में चेहरा डुबोकर मारने की कोशिश की गई। महिला किसी तरह अपनी जान बचाकर थाने पहुंची और पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई।
पीड़िता का आरोप है कि उसके पति के एक अन्य महिला से अवैध संबंध हैं और वह उससे विवाह करना चाहता था। इसी कारण उसने उसे रास्ते से हटाने की कोशिश की। घटना की गंभीरता को देखते हुए त्रिकुंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास-ससुर फरार बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि आरोपी आकाश तिवारी वाड्रफनगर में ‘चाणक्य अकेडमी’ नामक कोचिंग संस्थान संचालित करता है। कोचिंग चलाने वाला एक शख्स जब इस हद तक क्रूरता कर सकता है, तो यह समाज के नैतिक पतन की ओर संकेत करता है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उन्होंने दोषियों को कठोरतम सजा देने और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह मामला केवल एक महिला की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब तक महिला सशक्तिकरण केवल कागजों पर रहेगा, ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती रहेंगी।
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी निष्पक्षता और गंभीरता से कार्रवाई करती है और क्या पीड़िता को न्याय मिल पाएगा।


