छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के ग्राम नैमेड स्थित कन्या आवासीय विद्यालय में 9वीं कक्षा की छात्रा पिंकी कुरसम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्रा का शव हॉस्टल परिसर के कपड़े सूखाने वाले कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना से विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना का क्रम
रिपोर्ट्स के अनुसार, रात को सभी छात्राएं मेस में भोजन के लिए गईं थीं। इसी दौरान पिंकी नजर नहीं आई। सहपाठियों ने उसकी तलाश शुरू की और कपड़े सूखाने वाले कमरे में पहुंची तो उन्होंने देखा कि वह फांसी के फंदे पर लटकी हुई है। तत्काल इसकी जानकारी विद्यालय प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद छात्रा को जिला अस्पताल बीजापुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आक्रोश
मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि उन्हें बेटी का शव देखने तक नहीं दिया गया और प्रशासन सच को छुपाने की कोशिश कर रहा है। परिजनों ने सवाल उठाया कि क्या यह वाकई आत्महत्या है या फिर छात्रा के साथ कोई अनहोनी हुई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना पर नैमेड थाना प्रभारी हरिनाथ रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने मृतिका की सहेलियों और विद्यालय स्टाफ से पूछताछ की है। हालांकि अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
जिला शिक्षा अधिकारी लखन लाल धनेलिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम स्तर पर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि यह आत्महत्या है या हत्या। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही विद्यालय में नई अधीक्षिका की पदस्थापना पर भी सवाल उठे हैं, जिस पर डीईओ ने बताया कि नई अधीक्षिका ने अभी कार्यभार ग्रहण नहीं किया था, इसलिए पुरानी अधीक्षिका ही जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
जांच की मांग तेज
फिलहाल इस घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश और आशंका दोनों को जन्म दे दिया है। छात्रा की मौत के कारणों का राज़ अब प्रशासनिक जांच पर निर्भर है। ग्रामीण और परिजन चाहते हैं कि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


