छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग एक बार फिर नक्सली हिंसा से दहल उठा। सुकमा जिले के सिरसट्टी पंचायत के नंदा पारा गांव में नक्सलियों ने सोमवार देर रात कहर बरपाया। पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो ग्रामीणों की गला रेतकर हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य को बेरहमी से पीटा गया। दोनों घायल ग्रामीणों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं।
देर रात की वारदात
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों का एक दस्ता रात में नंदा पारा पहुंचा। उन्होंने ग्रामीणों पर आरोप लगाया कि वे पुलिस को जानकारी देते हैं। इसके बाद आरोपित दो ग्रामीणों की गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात इतनी नृशंस थी कि गांव में चीख-पुकार मच गई और लोग अपने घरों से निकलने की हिम्मत नहीं कर पाए। इसी दौरान नक्सलियों ने दो अन्य ग्रामीणों की भी पिटाई की, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
दहशत और पुरानी रणनीति
यह घटना नक्सलियों की पुरानी रणनीति को उजागर करती है। अक्सर वे निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस का सहयोगी बताकर मौत के घाट उतार देते हैं, ताकि इलाके में खौफ कायम रहे और लोग सुरक्षा बलों का साथ न दें। सूत्रों का कहना है कि मारे गए ग्रामीणों पर नक्सलियों को लंबे समय से मुखबिरी का शक था। इसी शक के चलते उन्हें ‘सबक’ सिखाने के नाम पर हत्या कर दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में नक्सलियों ने ग्रामीणों की हत्या की हो। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नक्सलियों की धमक से वे लगातार भयभीत रहते हैं, लेकिन सुरक्षा बलों की पहुंच समय पर नहीं हो पाती।
पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए। हालांकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में सुरक्षा बलों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस का कहना है कि इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है और दोषियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
माहौल में डर का साया
वारदात के बाद नंदा पारा सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल गहरा गया है। ग्रामीण रातभर घरों में दुबके रहे और किसी ने भी बाहर निकलने की हिम्मत नहीं की। नक्सलियों की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि वे आम लोगों को अपना निशाना बनाकर क्षेत्र में भय और आतंक का वातावरण बनाए रखना चाहते हैं।


