9 में से 2 स्टॉल ही खुलते हैं, टॉयलेट पर जड़ा है ताला, पानी -खाने की सामग्री के लिए भी लोगों को पड़ता है भटकना
रायगढ़. कोरोना लॉकडाउन के कारण ट्रेनें पहले लगभग 5 महीने बंद रहीं। अब 19 ट्रेनें चल रही हैं लेकिन रेलवे स्टेशन पर ना तो सफाई हो रही है और ना ही बुनियादी सुविधाएं हैं। ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के साथ ही सफर कर रहे यात्री भी प्लेटफार्म पर जरूरतों के सामने के लिए भटकते रहते हैं। पानी, खाने की सामग्री और टायलेट के लिए भी लोगों को भटकना पड़ रहा है। त्योहारों से पहले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने ट्रेनों की संख्या बढ़ाई। उनमें से अप और डाउन को मिलाकर 19 गाड़िया रायगढ़ से होकर गुजरती हैं। इनमें 12 ट्रेनें साप्ताहिक हैं। रोज हजारों लोग यात्रा कर रहें है पर स्टेशन में सुविधाओं का अभाव है। पीने का साफ पानी मिल सके उसके लिए 3 आरओ वेंडिंग मशीन हैं लेकिन सारे आउटलेट अभी बंद हैं। प्लेटफार्म नंबर 1 के टायलेट में ताला बंद लगा है।
इन दिनों ट्रेन का सफर करने वाले यात्रियों को लगभग एक घंटे पहले प्लेटफार्म आना पड़ता है। इंतजार के दौरान टॉयलेट बंद होने से यात्री बाहर निकलकर इधर उधर भटकते हैं। इतना ही नहीं भोजनालय शुरू नहीं किए गए हैं साथ ही अधिकतर स्टाल बंद रहते हैं। दिन में एक से दो स्टाल ही खुल रहे हैं इससे आगे और पीछे बोगियों में सफर कर रहे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। सुविधा नहीं होने के कारण लोग वेटिंग हाल के बदले बाहर परिसर में बैठते हैं।
एक महिला यात्री ने बताया कि जानकारी नहीं होने से सुबह से आकर इंतजार कर रहें हैं और ट्रेन 2 बजे के बाद आएगी। स्टेशन अंदर में खाने पीने की चीजें नही मिलने से बाहर से ले रहे हैं, इसलिए बाहर परिसर में ही बैठे है। स्टेशन के 2 नंबर प्लेटफार्म में एक मात्र खुले स्टाल के संचालक ने बताया कि यात्री कम होने के कारण अधिकतर संचालक स्टॉल नही खोल रहे हैं। शाम को एक और स्टॉल खुलेगा। इस तरह से 9 में से 2 ही स्टॉल खुल पा रहे हैं।
कमियों को ठीक कराएंगे
लगभग सभी सुविधा उपलब्ध है। स्टॉल भी खोलने को बोल दिया गया है, कुछ तो खुल भी रहे हैं। साफ सफाई भी ठीक है, कुछ कमी है तो देखकर ठीक करवाता हूं।” पीके राउत, मुख्य स्टेशन प्रबंधक
साभार: दैनिक भास्कर

