प्रदेश में 101 कंपनियों का सरकार के साथ करार, स्टील, इंडक्शन फर्नेस व दूसरे उद्योग लगेंगे
रायगढ़. कोरोनाकाल के मध्य सरकार ने दो महीने के भीतर 101 कंपनियों के साथ एमओयू किया है। ये कंपनियां प्रदेश में स्टील, कैप्टिव पावर प्लांट, इंडक्शन फर्नेस समेत दूसरे उद्योग लगाएंगे। जिले में फैक्ट्री लगाने दो महीने के भीतर 9 उद्योगपतियों ने एमओयू साइन किए हैं। इससे जिले में लगभग 3500 करोड़ रुपए का निवेश होगा। अनुमान है कि इससे 4 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी।
100 करोड़ से अधिक के निवेश के लिए किसी भी कंपनी को शासन के साथ एमओयू साइन करना होता है। नई औद्योगिक नीति में बैंक ऋण पर अनुदान दिया जाएगा इसी के तहत औद्योगिकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यम से वृहद उद्योग के लिए उच्च प्राथमिक उद्योग के लिए 55 लाख रुपए से अधिक राशि निवेश पर 35 से 60 प्रतिशत की छूट मिलने की बात कही है। इसके अलावा स्टेट जीएसटी और उत्पादन शुल्क, डायवर्सन शुल्क में भी छूट देने की बात कही गई है।
यह बड़ी राहत… बिजली बिल में सालाना 48 लाख तक राहत
वेस्ट हीट रिकव्हरी बायलर जैसे कैप्टिव पावर प्लांट सहित उद्योगों को लगने वाली ड्यूटी पांच साल तक माफ होगी। अनुमान के मुताबिक नए उद्योग में हर महीने एक से डेढ़ करोड़ का बिल आता है। जिन उद्योगों में कैप्टिव पावर प्लांट नहीं होगा उन्हें बिजली बिल में छूट दी जाएगी। अनुमान के मुताबिक बिजली बिल में 48 लाख रुपए तक की बचत होगी। बिलेट, रोलिंग, स्टील जैसे प्लांटों में एक माह के भीतर एक करोड से लेकर चार करोड़ रुपए का बिजली बिल आता है। पूरे राज्य में उद्योग प्रबंधनों ने रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में उद्योग लगाने की इच्छा जताई है। अभी नई औद्योगिक नीति में उद्योग लगाने पर औद्योगिक विकास को देखते हुए नई पॉलिसी को ब्लाकवार अलग-अलग बांटा गया था। इसमें अ श्रेणी में जिले के विकसित क्षेत्र को रखा हैं, जिसमें रायगढ़ और खरसिया ब्लाक, ब श्रेणी में विकासशील क्षेत्र घरघोड़ा, तमनार और पुसौर रखे गए हैं। स श्रेणी में धरमजयगढ़, लैलूंगा, सारंगढ़, बरमकेला शामिल हैं, अ और ब श्रेणी में उद्योगपतियों ने ज्यादा उद्योग लगाने की इच्छा जताई है।
एसजीएसटी में भी छूट देगी सरकार – कमर्शियल स्तर पर उत्पादन शुरू होने के बाद नौ से 12 साल तक स्टेट जीएसटी की प्रतिपूर्ति अधिकतम सीमा पूंजी निवेश के 45 से 65% तक होगा। इसका मतलब 9 साल तक इन उद्योगों में तैयार उत्पाद के विक्रय पर लगने वाले जीएसटी के राज्य के हिस्से यानि एसजीएसटी पर 65% तक की छूट दी जाएगी।
आयरन ओर की आपूर्ति में दिक्कत है, सीएम से मिला है उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल
“जिले में जिन 8 से ज्यादा उद्योगों ने एमओयू किया है, उनमें अधिकांश उद्योग अपना प्लांट लगाना चाहते हैं । कुछ उद्योग अपनी क्षमता का विस्तार करेंगे। अभी आयरन ओर की सप्लाई को लेकर परेशानी है । उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था। जिसमें सीएम ने एनएमडीसी से आयरन ओर दिलाने के लिए प्रयास करने की बात कही है । 15 जनवरी तक एक और बैठक होनी है। सरकार टैक्स, बिजली बिल, जीएसटी सभी में राहत दे रही है। इसलिए उद्योग भी आ रहे हैं।”
-संजय अग्रवाल, उद्योगपति
उद्योगों का काम शुरू होने में लगेंगे डेढ़ साल
“उद्योगों के साथ एमओयू हुआ है, इसके बाद जमीन चिह्नांकन के साथ कुछ जमीनों अधिग्रहण करना होगा । इसके बाद पर्यावरण स्वीकृति भी लगती है। लगभग डेढ़ वर्ष का समय पर्यावरण स्वीकृति में लग जाएगा, इसके बाद उद्योगपति काम शुरू कर पाएंगे। एमओयू करने वाले उद्योग कहा लगंेगे यह स्पष्ट नहीं है।”
–हरीश सक्सेना, प्रभारी, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड, रायपुर

