पिछले वर्षों की तुलना में साढ़े 14 लाख क्विंटल अधिक हो गई खरीदी
रायगढ़. दिसंबर के 17 दिनों में धान खरीदी में करीब 25 लाख 80 हजार क्विंटल धान खरीदी कर ली गई है। पिछले वर्ष दिसंबर तक में सिर्फ 11 लाख 30 हजार क्विंटल खरीदी हो पाई थी, लेकिन इस वर्ष साढ़े 14 लाख से ज्यादा क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। जिस तरह से खरीदी की रफ्तार बढ़ी है, ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में बारदाने को लेकर भी परेशानी हाे सकती है। ऐसे में अब स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक बारदानों से धान की खरीदारी शुरू हो गई हे। उसे दुबारा उपयोग करने और इस सप्ताह से सोसायटी में बातचीत करके किसानों से भी 15 रुपए में बारदाने खरीदी करने की तैयारियां की जा रही है। धान खरीदी में इस वर्ष लक्ष्य साढ़े 51 लाख क्विंटल धान खरीदे जाने का लक्ष्य रखा है। अब साढ़े 25 लाख क्विंटल की खरीदी होनी बाकी है। आगे खरीदारी के लिए 63 लाख से ज्यादा बोरी की आवश्यकता है। वर्तमान 20 लाख बारदाने उपलब्ध है। 20 लाख प्लास्टिक बोरी मंगाई गई थी, उसमें अभी तक दस लाख प्लास्टिक बोरी आ चुकी है। बाकी बोरिया आने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद धान की खरीदारी के लिए बोरी कमी हो सकती है। इसे देखते हुए किसानों से 15 रुपए की दर से बारदाने की खरीदारी की तैयारी शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
जनवरी में केवल 25 दिन और खरीदी
विपणन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनवरी में 25 दिन खरीदी और होनी है, दिसंबर में कुल 17 दिनों खरीदी हुई है, जिसमें से 25 दिन और खरीदी की जानी है। इसमें लक्ष्य के 25 लाख क्विंटल धान से अतिरिक्त धान खरीदी होनी है। अभी जिस तरह से हर रोज डेढ़ लाख से एक लाख 75 हजार क्विंटल धान खरीदी हो रही है, जैसे जैसे खरीदी की अंतिम तारीख आएगी तो खरीदी बढ़ती जाएगी। ऐसे बारदाने डिमांड बढ़ेगी।
किसानों से भी बरदाना खरीदने का है आदेश
“प्लास्टिक बारदाने भी आ रहे है, जिसमें 2 हजार गठान आने थे, जिसमें से अभी एक हजार गठान और आने है। जूट कमीशन से 2900 बारदाने भी आने है। हमने एक प्रस्ताव बनाकर भेजा हैं कि जिसमें प्लास्टिक बोरों का इस्तेमाल दोबारा करने की स्वीकृति सरकार से मिल जाए तो राहत मिलेगी। किसानों से भी बोरे खरीदने का आदेश सरकार मिला है, इसकी भी तैयारी रहे है, जिसमें किसी भी तरह से खरीदी प्रभावित ना हो सके।”
-एसके गुप्ता, डीएमओ
साभार: दैनिक भास्कर

