अपने बोरे में धान लाएंगे किसान, एक एकड़ के धान पर 281 रुपए कम मिलेंगे
रायगढ़. जिले में बारदाने की कमी है इसलिए किसानों से खुद बारदाना खरीदकर लाने के लिए कहा गया है। बाजार में 22 रुपए तक बारदाना खरीदकर किसान अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेचेंगे। सरकार बारदाने के लिए 15 रुपए का भुगतान करेगी। इस सीजन में अब धान बेचने वाले किसानों को प्रति एकड़ यानि 15 क्विंटल धान बेचने के लिए लगभग 281 रुपए का नुकसान होगा। दूसरी तरफ समिति संचालकों का कहना है कि अगले हफ्ते तक बारदानों की समस्या खत्म नहीं हुई तो धान खरीदी रुक सकती है। सोसाइटियों के लिए अगले हफ्ते के लिए टोकन नहीं काटा जा रहा है, मंगलवार को पुसौर के केशला, बिंजकोट सोसाइटियों में टोकन नहीं काटा गया। डीएमओ ने सोसाइटियों में कहा, यदि किसान अपने बारदाने में भरकर धान लाता है तो उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें सिर्फ जूट के बोरे ही लेने होंगे। इस बारदाने के लिए किसानों को 15 रुपए दिए जाएंगे। हालांकि विपणन विभाग के अफसर एक हफ्ते में साढ़े सात लाख बारदाने आ जाने का दावा कर रहे हैं।
प्लास्टिक के बोरे का नहीं मिलेगा पैसा- इधर किसान के बारदाने से धान खरीदने का आदेश हुआ है। लेकिन जूट के बारदाने 22 रुपए तक मार्केट में मिल रहे हैं। इसे खरीद करके किसान धान बेचेगा तो एक बारदाने में ही किसान को सात रुपए का नुकसान उठाना पड़ेगा, इसमें सिर्फ जूट के बारदाने देने का नियम रखा गया है। बारदाने के व्यापारी अशोक शर्मा बताते हैं कि जूट बारदाने की शार्टेज है, अभी तीन क्वालिटी के बार दाने मार्केट में आ रहे हैं। जो 20 से लेकर 24 रुपए तक मार्केट में मिलेंगे। सिर्फ प्लास्टिक बोरे 14 रुपए तक मिलेगे, लेकिन उसे किसान नहीं बेच सकेंगे।
51 लाख क्विंटल खरीदी का लक्ष्य, अब तक 29 लाख क्विंटल 15 हजार खरीदा
1 लाख 5 हजार किसानों में से अब तक 63 हजार 850 हजार से खरीदा
1 करोड़ 27 लाख 50 हजार बारदाने की जरूरत लेकिन हैं 22 लाख बारदाने, अगले हफ्ते 7.5 और मिलेंगे
15 क्विटंल धान भरने के लिए लगेंगे 38 बारदाने
एक एकड़ में राज्य सरकार 14 क्विंटल 80 किलो धान खरीदती है। एक बोरे में 40 किलो धान आता है, इसके लिए 38 बोरे लगते हैं। किसान प्रति बोरे 15 रुपए की दर से 37 बोरे बेचेंगे तो 555 रुपए मिलेंगे। जबकि जूट का एक बोरा 22 रुपए में मिल रहा है। 38 बोरा खरीदने के लिए 836 रुपए लगेंगे। एक एकड़ पर लगा धान बेचने के लिए किसान को 281 रुपए का नुकसान होगा। जुर्डा के पारस मांझी बताते हैं कि एक एकड़ में 22 क्विंटल धान होता है, उसमें से एक एकड़ में 14 क्विंटल 80 किलो धान खरीदती है, इसमें 7 क्विंटल 20 किलो धान व्यापारियों को 11-12 सौ रुपए में बेचना पड़ता है।
किसानों को एकमुश्त मिलेंगे 15 रुपए
बारदानों की कमी के कारण किसानों को खुद इंतजाम करने के लिए कहा गया है। चर्चा है कि कुछ जिलों में 12 से 15 रुपए तक अलग-अलग किस्तों में भुगतान होगा लेकिन जिले में किसानों द्वारा लाया गया बारदाना 15 रुपए प्रति नग के भाव से खरीदा जाएगा और उसका भुगतान एकमुश्त किया जाएगा। मंगलवार को इसका आदेश जारी हो गया है, अफसरों ने कहा, पूरे प्रदेश में यही व्यवस्था होगी। इसमें हर हफ्ते शनिवार को इसकी जानकारी खाद्य विभाग को देनी होगी। जिससे किसानों को परेशानी न हो।
पुराने बारदाने का भी उपयोग कर सकते हैं
“मंगलवार को आदेश जारी किया गया हैं कि सोसाइटियों में किसान के बारदाने से भी खरीदी होगी। इसमें ऐसा नहीं हैं कि किसान नए बारदाने खरीदकर धान बेचेंगे, इसमें वे पुराने बारदाने से धान बेच सकते हैं। साढ़े सात लाख बारदाने के साथ अगले हफ्ते मिलर्स से भी बारदाने मिल जाएंगे। ऐसे में किसान सोसाइटी में आकर वहां उपलब्ध बारदाने से धान बेच सकेंगे। हमारे जिले की सोसाइटियों में कोई भी बारदाने की शार्टेज नहीं है।”
-एसके गुप्ता, डीएमओ
साभार: दैनिक भास्कर

