जशपुर. सरकारी हैंडपंप पर एक ग्रामीण ने प्राइवेट बोर लगाकर पत्थर से घेराबंदी कर उसका उपयोग दूसरे को नहीं देने की बात को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। मामला जिले के मनोरा ब्लॉक के आस्ता थाना क्षेत्र के खमली पंचायत के गांव भाटापाठ की है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि भाटागांव निवासी रामदास यादव ने सरकारी बोरिंग को खोलकर निजी पंप डालकर बोरिंग को पत्थर का घेराव कर कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि जब कुछ ग्रामीणों को शासकीय हैंडपंप से पीने के लिए पानी नहीं मिला तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने पर रामदास यादव ग्रामीणों से गाली गलौच करने लगा। इससे दोनों गुटों में लाठियों के साथ जमकर मारपीट हो गई। रामदास द्वारा हैंडपंप पर कब्जा करने का ग्रामीण विरोध कर रहे है। विवाद बढ़ा तो दो गुटों में मारपीट हो गई। मारपीट की घटना के समय सरपंच भी उपस्थित थी, लेकिन लड़ाई देख वह वहां से भाग गई। इस संबंध में रामदास यादव से घटना की जानकारी ली और उनका पक्ष जाना तो उन्होंने बताया कि कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उसने हैंडपंप पर कब्जा नहीं किया है, ना ही किसी से मारपीट की है, बल्कि कुछ लोगों ने उसके साथ भी मारपीट की है। गांव के बोरिंग से जब पानी नहीं निकलता था, तब गांव के लोगों से चंदाकर उसमें सबमर्सिबल पंप लगाया, ताकि गांव के किसी भी ग्रामीण को पानी की दिक्कत ना हो।उस बोरिंग का उपयोग गांव में रहने वाले दस परिवार द्वारा किया जाता है, लेकिन आपसी रंजिश की वजह से झूठे और निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले में दोनों पक्षों ने आस्ता थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने मामले के संबंध में शिकायत की है। शिकायत की जांच करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साभार: दैनिक भास्कर

