अप्रैल से सूरजगढ़ पुल पर पथकर वसूल रहा पीडब्ल्यूडी
रायगढ़. महानदी पर बने प्रदेश के सबसे बड़े पुल सूरजगढ़ सेतु में पथकर वसूलने के लिए पीडब्ल्यूडी को कोई एजेंसी नहीं मिल रही है। विभाग ने अप्रैल से लेकर अब तक चार बार टेंडर जारी कर दिया है। लेकिन कोई भी ठेकेदार या एजेंसी इस टेंडर को लेने के लिए तैयार नहीं है। कोरोना महामारी का व्यवसाय के साथ सरकारी ठेकों पर भी असर पड़ा है। सरकार को जिन माध्यमों से राजस्व की वसूली होती है। वहां राजस्व की वसूली घटने के बाद अब कोई ठेका लेने को तैयार नहीं है। दरअसल सूरजगढ़ पुल में पथकर वसूली के लिए 40 लाख का टेंडर निकाला गया था। 4 महीनेां में 40 लाख रुपए भुगतान करने थे। लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के कारण लगातार ट्रांसपोर्टिंग कम रही। इससे पथकर भी आना बंद हो गया। अप्रैल तक बिलासपुर की ठेकेदार एजेंसी ने पथकर वसूला। इसके बाद उसने ठेका छोड़ दिया। अप्रैल के बाद लगातार लॉकडाउन हुआ। गाड़ियां प्रभावित रही। इसी बीच विभाग ने लगातार पथकर वसूली के लिए टेंडर जारी किए। लेकिन किसी ने भी टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लिया।
डेढ़ करोड़ से आए 40 लाख तक
शुरुआत में 4 महीनों के लिए पथकर वसूली करने पर ठेकेदार पीडब्ल्यूडी को 1 से डेढ़ करोड़ रुपए तक भुगतान करता था। लगातार टेंडर में ठेकेदारों द्वारा भाग नहीं लेने पर इसे कम करते हुए अब चार महीनों में यह टेंडर 40 लाख रुपए तक आ पहुंचा है। यानि लॉकडाउन के पूर्व के मुकाबले में आज आधे से भी कम कीमत पर टेंडर मंगाए जा रहे हैं। लेकिन ठेकेदारों को इसमें भी नुकसान दिखाई दे रहा है।
साभार: दैनिक भास्कर

