तस्करी की चेन ढूंढने में लगी वन विभाग की टीम
रायगढ़. दुर्लभ जंतु पैंगोलिन का 1 करोड़ रुपए में सौदा करने वाले तस्करों को वन अमले ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। भास्कर के रिपोर्टर ने ही आरोपी द्वारा पैंगोलिन की तस्करी करने की सूचना फॉरेस्ट को दी थी। इसके बाद फॉरेस्ट की टीम खुद ग्राहक बनकर पहुंची और आरोपियों को दबोच लिया। बरमकेला थाना क्षेत्र के दो भाई गोविन्द और रामचरण पिता रूद्रराम नायक निवासी दानीघाटी कुछ दिनों से पैंगोलिन बेचने की कोशिश में लगा था। आरोपियों ने कुछ लोगों से संपर्क कर पैंगोलिन दो करोड़ में बेचने की बात फैलाई थी। भास्कर के रिपोर्टर ने आरोपियों से ग्राहक बनकर संपर्क किया और 1 करोड़ में सौदा तय किया। आरोपियों ने वजन के लिए बाकायदा वीडियो भी वाट्सअप किया तो वनविभाग को सूचना दी गई। फॉरेस्ट की टीम ने आरोपियों के नंबर से उनकी पूरी कुंडली खंगाली और खुद ग्राहक बनकर बात करने लगे। तड़के 3 बजे बरमकेला में आरोपी पैंगोलिन लेकर आए। फॉरेस्ट की टीम ने आरोपियों को पैंगोलिन के साथ पकड़ा। आरोपियों ने बताया कि खेत के पास पैंगोलिन मिला था पर आरोपी हर हफ्ते नया पैंगोलिन मिलने की बात कह रहे थे। इसलिए वनविभाग की टीम अभी तस्करी की चेन ढूंढने में लगी है।
इसलिए हो रही पैंगोलिन की तस्करी
पैंगोलिन के खाल की दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में काफी डिमांड है। इसकी परतदार खाल का इस्तेमाल यौन शक्ति वर्धक दवाइयों, ड्रग्स, बुलेटप्रूफ जैकेट, कपड़े और सजावट के सामान के लिए किया जाता है। पैंगोलिन का अवैध व्यापार ज्यादातर एशिया में ही होता है। इसके अलावा अफ्रीका में भी इसका व्यापार होता है। पैंगोलिन की खाल से लेकर मांस तक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपए में है।
तस्करों के खिलाफ होगी कार्रवाई
“दो आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा गया है। हम चेन ऑफ सप्लाई ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे तस्करों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।”
-प्रणय मिश्रा, डीएफओ, रायगढ़ वनमंडल
साभार: दैनिक भास्कर

