प्रभारी सचिव ने बारिश की आशंका के बीच डबल लेयर तिरपाल की व्यवस्था करने के दिए निर्देश
जांजगीर. जिले के प्रभारी सचिव धनंजय देवांगन ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय के पास पेंड्री धान उपार्जन केंद्र और खोखरा के गौठान का निरीक्षण किया। प्रभारी सचिव ने पेंड्री धान उपार्जन केंद्र में खरीदे गए धान को व्यवस्थित रूप से रखने और पुख्ता ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चबूतरे के अलावा नीचे रखे धान का उठाव सबसे पहले करें। ताकि वह धान सुरक्षित हो सके। बेमौसम बारिश की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारी तिरपाल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा । उन्होंने धान खरीदी केंद्र के नोडल अधिकारी मनीष मिश्रा से कहा कि खरीदी केंद्र का नियमित रूप से निरीक्षण करें और सरकार के निर्देशानुसार व्यवस्था सुनिश्चित करें। श्री देवांगन ने खरीदे गए धान के 2 बोरों का वजन कराकर देखा सही वजन पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर से टोकन जारी करने की प्रक्रिया की जानकारी ली और निर्देशित किया कि सरकार के निर्देशानुसार 80% छोटे किसान और 20% बड़े किसानों के अनुपात में टोकन जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र की क्षमता के अनुसार ही टोकन जारी किया जाए जिससे व्यवस्थित रूप से तौलाई का कार्य निर्धारित तिथि को पूर्ण हो। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर यशवंत कुमार, जिप सीईओ तीर्थराज अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर सचिन भूतड़ा, अमृत कुजूर आदि उपस्थित थे।
गर्भवती महिलाओं को खिलाएं पौष्टि आहार
उन्होंने सभी महिलाओं को संकल्प दिलाया कि अपने परिवार की गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दें। प्रतिदिन भोजन के समय गर्भवती महिलाओं को पहले भोजन कराएं। शासन की योजना के तहत उपलब्ध कराए गए पौष्टिक आहार का लाभ गर्भवती महिलाओं को मिले यह सुनिश्चित किया जाए।
महिला समूह को सक्षम बनाने दिए जाएं काम
श्री देवांगन ने उपार्जन केंद्र निरीक्षण के बाद खोखरा के गौठान व बाड़ी का अभी अवलोकन किया। गौठान से जुड़े स्व सहायता समूह के पदाधिकारियों से चर्चा की । उन्होंने कहा कि शासन की योजना के अनुसार आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए स्व सहायता समूह को काम उपलब्ध कराया गया है। आर्थिक लाभ के उद्देश्य से कार्य करें । बाजार की मांग और व्यवसायिक समझ के साथ कार्य करें। उत्पाद अगरबत्ती फिनाइल वाशिंग पाउडर आदि को बाजार में पैकिंग में उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ उसके बाजार में उपलब्ध कराने में ज्यादा जोर दें ताकि लाभ अधिक हो सके। स्व सहायता से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलेगा इसके साथ ही आर्थिक सामाज का निर्माण होगा।
साभार: दैनिक भास्कर


