प्रशासन ने 27 पर्यटन स्थलों को साफ रखने की बनाई योजना
जशपुर. जिले के 27 पर्यटन स्थलों को स्वच्छग्रही और ग्रामीणों के साथ मिलकर साफ रखने की योजना तैयार की जा रही है। इसकी शुरुआत दमेरा रानी दाह और दनगिरी जलप्रपात से शुरुआत हो गई है। शेष पर्यटन स्थलों को साफ रखने की तैयार कर ली गई है। प्राकृतिक रूप से सुंदर जशपुर की सुंदरता और वास्तविक स्वरूप को बनाए रखने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के माध्यम से स्वच्छग्रही संलग्न कर ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य शुरू किया जाएगा। कलेक्टर महादेव कावरे और जिला पंचायत सीईओ केएस मंडावी ने शनिवार को 25 पंचायतों में ठोस एवं तरल उचित प्रबंधन के लिए लगभग डेढ़ करोड़ की राशि मंजूर की है। ग्राम पंचायतों से संग्रहित सिंगल यूज प्लास्टिक की रिसाइकिलिंग करके अन्य कार्यों में उपयोग करने के लिए प्लानिंग तैयार की जा रही है। कचरा स्टोर करने के लिए सेगरिकेशन शेड का निर्माण नरेगा से किया जाएगा, जिसका निर्माण गोठानों में या गोठानों के समीप किया जाएगा, जिससे स्वच्छाग्रहीयों को आजीविका के साथ स्वरोजगार स्थापित किया जाएगा। 25 पंचायतों में सेग्रिगेशन निर्माण के लिए 1.55 करोड़ राशि की मंजूरी- जिले के सभी विकासखंडों के 25 पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड निर्माण के लिए 1.55 करोड़ रुपए राशि मंजूर की है। इसमें जशपुर के 4 पंचायतों बालाछापर, झरगांव, सिटोंगा, जुरगुम में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए शेड बनाने के लिए 24 लाख 80 हजार रुपए की प्रशासकीय मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार मनोरा के 2 पंचायत रेमने, जरिया, डूमरटोली, पंचायतों के लिए 18.60 लाख, दुलदुला के 4 पंचायत डोभ, कोरना, खटंगा, बंगुरकेला के लिए 24.80 लाख, कुनकुरी के 2 पंचायत भेलवाटोली, चराईखार के लिए 12.40 लाख, कांसाबेल के 3 पंचायत शब्दमुंडा, सोमरकछार, कोड़लिया के लिए 18.60 लाख, बगीचा के 3 पंचायत सोनगेरसा, रेंगले, मैनी पंचायत के लिए 18.60 लाख, फरसाबहार के 3 पंचायत बोकी, बांसाझाल, समडमा पंचायत के लिए 18.60 लाख रुपए एवं पत्थलगांव के 3 पंचायत किलकिला, तमता, खरकट्टा पंचायत के लिए 18.60 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी दी है।
प्लास्टिक से पर्यावरण को हो रहा नुकसान
स्वच्छताग्रहियों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण व ग्राम पंचायतों के सहयोग से रसीद बुक दी जाएगी, जिसमें लेखा जोखा का सही प्रबंधन हो सके और आने वाले पर्यटकों से उचित स्वच्छता शुल्क भी लिया जा सके। आने वाले पर्यटक से ली जाने वाली स्वच्छता शुल्क से जहां स्वच्छताग्रही की आजीविका में वृद्धि हुई है, वहीं उनके घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। दमेरा रानी दाह और दनगिरी फॉल में प्रतिदिन 30 से लेकर 60 गाड़ियां कचरा साफ किया जाता है। इनसे लगभग 600 से लेकर 1000 तक की आमदनी समूह को प्रति दिन हो जाती है। पर्यटन स्थल का विकास होने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्वच्छाग्रहियों समूह की आमदनी में वृद्धि हो जाती हैं। समूह की महिला इन्दु ने बताया कि जब उन्हें प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में पता लगा तो हम इस अभियान से जुड़ गए। इससे हमें आमदनी हो रही है। पहले लोगो का हमारे काम के प्रति अलग नजरिया था। अब लोगों की सोच बदल रही है। नियमित आधार पर हर महीने प्लास्टिक कचरा जमा करती है और प्लास्टिक कचरे को एक प्रोसेसिंग यूनिट को दिया जाता है।
साभार: दैनिक भास्कर

