जांजगीर. इस बार प्रदेश में संकुल प्रभारियों की जिम्मेदारी हाईस्कूल या हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्यों को दी जाएगी, जबकि यूडीटी और प्रधानपाठकों को ही संकुल समन्वयक बनाया जाएगा। नए आदेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि पूर्व में जिन लोगों को संकुल प्रभारी व समन्वयक बनाया गया था, वे काम करेंगे कि नहीं लेकिन अधिकारी इस बात को जरूर कह रहे हैं कि पुराने भी बने रहेंगे। अधिकारियों की यह बात यदि सही होगी तो ऐसी स्थिति में सहायक शिक्षक एलबी भी संकुल समन्वयक हो सकते हैं। जिले में पूर्व में 132 संकुल केंद्र थे और इतने ही समन्वयक भी थे अब 161 नए संकुल बनाए गए हैं। इन नए संकुलों में तो संकुल प्रभारी व समन्वयक बनाए ही जाएंगे। पुराने संकुलों में भी प्रभारी व समन्वयकों में बदलाव किया जाएगा। इससे पहले जब शिक्षाकर्मियों का नियमितीकरण नहीं हुआ था तो सहायक शिक्षक पंचायत यानि वर्ग 3 को भी संकुल प्रभारी की जिम्मेदारी दे दी जाती थी, संकुल समन्वयक वर्ग 2 बनाए जाते थे, लेकिन अब संकुल प्रभारी व समन्वयकों की नियुक्ति में बदलाव किया है। 12 जनवरी को जारी नए आदेश के अनुसार संकुल प्रभारी पद पर केवल हाईस्कूल या हायर सेकंडरी स्कूल के वरिष्ठ प्राचार्य को ही संकुल का प्रभारी बनाया जाएगा। समन्वयक के लिए हेडमास्टर या फिर उच्च वर्ग शिक्षक होना अनिवार्य किया गया है।
एकल शिक्षकीय स्कूल से नहीं बनाए जाएंगे समन्वयक
डीपीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे स्कूल जो एकल शिक्षकीय हैं। उन स्कूलों के शिक्षकों को समन्वयक नहीं बनाया जाएगा। इसके अलावा संकुल समन्वयकों को उसी संकुल के स्कूल का होना भी जरूरी है।
समन्वयक को अब स्कूल में तीन पीरियड पढ़ाना जरूरी
समन्वयक को स्कूल में नियमित रूप से तीन पीरियड क्लास भी लेनी पड़ेगी। इसके बाद वे संकुल का काम करेंगे। उन्हें डाइट, बीईओ व बीआरसी के साथ समन्वय बनाकर डाक लेना देना, अकादमिक काम, ट्रेनिंग आदि करानी होगी।
3 सदस्यीय समिति करेगी मनोनयन – संकुल समन्वयक के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति में डीईओ, डीएमसी और संकुल प्रभारी (प्राचार्य) होंगे। इस समिति द्वारा नामित या चयनित शिक्षक का अनुमोदन कलेक्टर करेंगे।
शिक्षाकर्मी बन सकेंगे समन्वयक
“शिक्षाकर्मी अब शिक्षाविभाग में शामिल हो गए हैं, यदि वे यूडीटी हैं तो समन्वयक रह सकेंगे। ऐसे पुराने शिक्षक जो काम कर रहे हैं वह भी रह सकते हैं।”
-एमएल ब्रम्हाणी, डीएमसी जांजगीर-चांपा
जिन्हें काम नहीं आता, उसे बाहर करंेगे
“जो कुछ जानकारी नहीं रखते उनको बाहर किया जा सकता है, सहायक शिक्षक एलबी को समन्वयक नहीं रखना है।”
-जितेंद्र शुक्ला, संचालक लोक शिक्षण
साभार: दैनिक भास्कर

