महीनेभर पहले निगम के नेताओं ने रुकवा दी थी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई
रायगढ़. अशर्फी देवी अस्पताल के सामने लगी दुकानों की नीलामी होगी। महीनेभर पहले यहां कब्जा हटाने निगम की टीम पहुंची तो निगम के नेताओं ने कार्रवाई रुकवा दी थी। निगम ने यह जमीन कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए मांगी थी लेकिन प्रशासन इसकी नीलामी कराएगा। नजूल विभाग ने इसके लिए जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही यहां बनीं दुकानें हटाई जाएंगी। 30 दिसंबर को तहसीलदार और निगम के अफसर बूजी भवन रोड पर अशर्फी देवी चिकित्सालय के सामने नजूल जमीन से बेजा कब्जे हटाने पहुंचे थे। सभापति जयंत ठेठवार, एमआईसी सदस्य सलीम नियारिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने मौके पर पहुंच कार्रवाई रुकवाई थी। मामले में नेताओं के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक अमला बिना कार्रवाई के लौट गया था। आखिर में कलेक्टर ने इस जमीन की उपयोगिता समझते हुए राजस्व विभाग की बैठक लेकर इसपर कब्जा हटाकर नीलाम करने के लिए कहा। दूसरी तरफ कुछ जनप्रतिनिधि कार्रवाई रोकने के लिए प्रयास करने की बात कह रहे हैं।
124 वर्गफीट जमीन बिकी थी 40 लाख में
अस्पताल के सामने जहां 11 दुकानदारों ने कब्जा किया हुआ है उससे लगी सवा सौ वर्गफीट जमीन को नजूल विभाग ने 40 लाख रुपए में नीलाम किया था। प्रशासन इस जमीन की नीलामी कर राजस्व वसूली का टारगेट पूरा करना चाहता है। वर्तमान में जिस जगह पर कब्जा किया गया है। यहां पर 11 दुकानें हैं। इन लोगों ने लगभग 5 हजार वर्गफीट पर कब्जा किया हुआ है। शहर के बीचों बीच स्थित इस जमीन से नजूल विभाग को 5 करोड़ रुपए से अधिक मिल सकते हैं। पॉश इलाका होने के कारण बोली ज्यादा की भी लग सकती है। इसलिए इस जमीन को किसी को भी ना देने का फैसला किया गया है।
निगम ने मांगी थी जमीन
कार्रवाई के दौरान राजस्व प्रभारी सलीम नियारिया ने कहा था कि नगर निगम ने नजूल विभाग को इस जमीन के हस्तांतरण के लिए पत्र लिखा था। निगम की ओर से राजनीतिक दबाव में आकर यह पत्र लिखा गया था। बाद में कलेक्टर ने इस जमीन को बेशकीमती बता कर जमीन किसी को भी देने से इनकार कर दिया था। राजस्व अधिकारियों के मुताबिक दुकानदारों को लगातार नवंबर और दिसंबर में नोटिस जारी किया गया। ना तो किसी ने जवाब दिया और ना ही पट्टे के लिए आवेदन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा, दुकानदार गरीब हैं इसलिए पट्टे के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।
नजूल विभाग की है भूमि
“राजस्व अफसरों की बैठक में कलेक्टर साहब ने बूजी भवन की जमीन को नीलामी की श्रेणी में रखने के लिए कहा है। यह जमीन नजूल विभाग की है। नजूल विभाग ही इस पर कार्रवाई करेगा।”
-सीमा पात्रे, तहसीलदार
साभार: दैनिक भास्कर

