कोटवारी जमीन पर प्लाट काटकर बेचने की हो रही है तैयारी
जांजगीर. सेवा भूमि के रूप में सरकार ने जिस जमीन को जांजगीर के तत्कालीन कोटवार को दी थी। कोटवार ने उस जमीन को दूसरे के साथ अदला बदली कर ली। इस जमीन के बदले में लेने वाले व्यक्ति ने उसे दूसरी जगह जमीन दे दी गई और कोटवारी सेवा भूमि पर अपना कब्जा ले लिया। अब उसी सेवा भूमि कोटवारी जमीन का डायवर्सन कराकर उस पर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। सरकार द्वारा पूर्व में कोटवारों को कोटवारी के बदले में सरकारी जमीन दी जाती थी, जिसे सेवा भूमि के नाम से जाना जाता था। जांजगीर में भी पूर्व कोटवार सोनाऊराम को वर्तमान वार्ड नंबर 17 में सेवा भूमि के रुप में खसरा नंबर 3965 रकबा 1.51 एकड़ जमीन दी गई थी। जिस पर सोनाऊराम का कब्जा था। बताया जा रहा है कि इस जमीन को सोनाऊराम ने दूसरे के साथ अदला बदली कर ली, यानि जाे जमीन सोनाऊराम को सरकार की ओर से कोटवारी जमीन मिली थी, उसे देकर उसने कहीं दूसरी जगह दूसरे व्यक्ति की जमीन ले ली। बताया जा रहा है कि इसे लेकर कोटवार के घर में विवाद हुआ तो मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
सेवा भूमि को बेचने और बदलने का प्रावधान नहीं
सेवाभूमि का तात्पर्य ही सेवा के बदले सरकार द्वारा दी जाने वाली जमीन से है। इस जमीन को न तो कब्जाधारी बेच सकता न ही उसकी अदला बदली की जा सकती, क्योंकि समय बदलने पर सेवादार यानि कोटवार बदल सकता है। उसके बदलने पर जमीन भी नए कोटवार के नाम पर जाएगी। यानि नए कोटवार का कब्जा होगा, यह जमीन कोटवार से दूसरे कोटवार को हस्तांतरित की जा सकती है, बेची या बदली नहीं जा सकती है। इसके बाद भी तत्कालीन कोटवार ने इस जमीन की अदला बदली कर ली।
अब डायवर्सन भी कराया
खसरा नंबर 3965 भू अभिलेख के डायवर्सन शाखा में जिसके नाम पर जमीन की अदला बदली हुई उसमें फिलहाल आशीष राठौर, गिरधर राठौर, रेणुका राठौर के नाम पर दर्ज है। इस जमीन का डायवर्सन भी कोरोना काल में कराया गया है, लेकिन अभी डायवर्सन शाखा में यह रिकॉर्ड अपलोड नहीं हो पाया है।
तत्कालीन अधिकारियों की भी भूमिका संदेहास्पद
जमीन सरकारी व सेवाभूमि के रूप में दर्ज है। बावजूद तत्कालीन पटवारी, तत्कालीन आरआई ने भी नहीं देखा कि आखिर सेवा भूमि की रजिस्ट्री कैसे हो सकती है। मामले में तत्कालीन राजस्व कर्मी की भी भूमिका संदेह के दायरे में है, क्योंकि उन्होंने कोटवारी भूमि को प्राइवेट जमीन में बदल दी है।
जानकारी मिलने पर मामले की जांच की जा रही है
“वार्ड क्रमांक 17 की विवादास्पद जमीन कोटवारी सेवा भूमि है, जिसकी किसी व्यक्ति से अदला बदली करने का मामला जानकारी में आया है। मामले में अदला बदली का निर्णय सिविल कोर्ट से पारित होने की जानकारी दी गई है। इस मामले की जांच की जा रही है।”
-मेनका प्रधान, एसडीएम जांजगीर
साभार: दैनिक भास्कर

