उत्तर प्रदेश में आरोपियों की गिरफ्तारी, रायगढ़ पुलिस आज कर सकती है वारदात का पर्दाफाश
रायगढ़. 20 जनवरी को धरमजयगढ़ के नजदीक हाइवे पर सरिया से भरा ट्रक लूटने और ड्राइवर की हत्या करने वाले कुछ आरोपियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने रैरूमा चौक क्षेत्र में ड्राइवर का शव तालाब में फेंक दिया था, पुलिस को जिस क्लीनर पर हत्या का शक था, आरोपियों ने उसकी भी हत्या कर दी। उसका शव अंबिकापुर की लालमाटी जंगल में मिला है। मामले में पुलिस मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस भी कर सकती है। रविवार सुबह अंबिकापुर से करीब 12 किमी दूर पत्थलगांव एनएच से लगे लालमाटी के जंगल में एक युवक की अधजली लाश मिली। जांच के बाद शव की शिनाख्त सोनभद्र उत्तरप्रदेश के माजरे आलम (19) के रूप में हुई। 20 दिन पहले माजरे अपने चाचा नजीर अहमद के साथ ट्रक में गेरवानी स्थित प्लांट में सरिया लेने आया था। आरोपियों ने रैरुमा के पास पहले ड्राइवर से से ट्रक लूटा, उसकी हत्या की । इसके बाद ट्रक में क्लीनर को मारते हुए अम्बिकापुर पहुंचे। यहां क्लीनर की हत्या करने के बाद उसके शव को आधा जलाकर छोड़ा और ट्रक लेकर चले गए। पुलिस ने 23 जनवरी को यूपी के चोपन जाकर संतोष गुप्ता नाम के छड़ खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था। फरार आरोपियों की खोजबीन जारी थी। अब यूपी में आरोपियों के गिरफ्तार होने की सूचना मिल रही है।
ढाबे में खाना खाने रुके थे चाचा-भतीजा
रैरुमा में आखिरी बार चाचा भतीजा ढाबे में देखे गए थे। आशंका है कि यहीं से आरोपी ट्रक पर सवार हुए थे। माना जा रहा है कि कुछ दूर जाने के बाद उन्होंने ड्राइवर नजीर से लूटपाट कर उसकी हत्या कर दी। उसके शव को बांधकर तालाब में फेंक दिया। माजरे आलम अपने चाचा के साथ हेल्पर के रूप में आया था। एक ही जगह हत्या कर शव फेंकने से पकड़े जाने की संभावना ज्यादा होती इसलिए आरोपियों ने माजरे को अंबिकापुर जिले में मारा और शव को जला दिया। इससे पुलिस को वारदात में किसी प्रोफेशनल गैंग का हाथ होने का शक हुआ।
हाइवे पर लूटपाट करने वाले यूपी गिरोह का हाथ
उत्तरप्रदेश बनारस में यूपी एसटीएफ की मदद से दो और आरोपी पकड़े जाने की सूचना मिली है। रायगढ़ पुलिस इन्हें लेने के लिए उप्र पहुंच गई है। मामले में यूपी के गिरोह के हाथ होने की बात सामने आ रही है। जिन्होंने रायगढ़ आकर लूटपाट कर हत्या की घटना को अंजाम दिया।
भतीजा लापता था इसलिए उस पर था शक
पुलिस की शुरुआती जांच में संदेह मृतक ड्राइवर के भतीजे माजरे पर ही जा रहा था। हत्या के सात दिन बाद भी उसकी कोई सूचना नहीं थी। छड़ खरीदने वाला पकड़ा गया तो पुलिस को शक था कि माजरे छड़ बेचने के बाद ट्रक छोड़ कर भाग गया होगा। कुछ दिनों बाद रायगढ़ पुलिस को यूपी एसटीएफ से कुछ इनपुट मिले फिर जांच की दिशा बदली। पुलिस ने आसपास के जिलों में मारे गए ड्राइवर और फरार क्लीनर की फोटो दे दी थी। रविवार को अंबिकापुर जिले में क्लीनर माजरे का शव मिला तो कड़ी जुड़ गई।
जल्द करेंगे खुलासा
“रायगढ़ पुलिस की एक टीम उत्तरप्रदेश में दो हफ्तों से रुकी हुई है। वहां क्राइम ब्रांच के साथ आरोपियों को पकड़ने में लगी है। कितने आरोपी पकड़े गए हैं, इसका जल्द खुलासा किया जाएगा।”
-संतोष सिंह, एसपी
साभार: दैनिक भास्कर


