अब जरूरत बायोप्सी, सिटी स्कैन और एमआरआई मशीन की ताकि जांच के लिए न जाना पड़े बाहर
जांजगीर. जानलेवा कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा तो जिला अस्पताल में शुरू हो चुकी है। जिन्हें कैंसर कन्फर्म होने की पुष्टि हो रही है, ऐसे मरीजों की कीमोथैरेपी भी शुरू हो गई है। जांच के बाद तीन दिनों में चार लाेगों का कीमो जिला अस्पताल में किया जा चुका है। जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में कोरोना के बाद एक बड़ा विस्तार हुआ है। जिले में पिछले साल ही यह प्रयास किया था कि कैंसर के मरीजों की पहचान के बाद इसका इलाज किया जा सके, लेकिन ऐन वक्ता पर कोरोना का संक्रमण बढ़ने के कारण कैंसर मरीजों को जिला में जांच व इलाज की सुविधा नहीं मिली। लगभग दस महीने बाद आखिरकार यह सुविधा भी जिले में शुरू हो गई है। पिछले दिनों कैंसर के मरीजों की पहचान के लिए जिला अस्पताल में कैंप लगाया गया, जिसमें स्थानीय डॉ. इकबाल हुसैन ने जांच आदि की। कैंसर के विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने भी ऑनलाइन मरीजों का परीक्षण किया। इस दौरान पहले दिन जांच में 28 लोगों में विभिन्न प्रकार के कैंसर के लक्षण दिखे थे। इनमें 6 ब्रेस्ट तथा 4 माउथ कैंसर के भी लक्षण थे। ऐसे मरीजों का अब जिला अस्पताल में कीमोथैरेपी से इलाज शुरू हो गया है।
15 से 30 दिन के बाद फिर बुलाएंगे मरीजों को
जिला अस्पताल के डॉ. इकबाल हुसैन ने बताया कि जिन मरीजों को कीमो दिया जा रहा है। उन्हें 15 से 30 दिनों के अंतराल में दोबारा बुलाया जाएगा, क्योंकि कैंसर सेल को मारने के लिए दी जाने वाली दवा हाई पावर की होती है। साथ ही मरीज के कंडीशन पर निर्भर होता है कि उसे कितने दिनों बाद कीमो फिर दिया जाएगा। डॉ. हुसैन ने बताया कि एक मरीज को कम से कम 6 से 8 कीमो तो लगता ही है।
सप्ताह में दो दिन दिया जाएगा कीमो
कैंसर मरीजों को कीमो देने के लिए 2 दिन सुरक्षित रखा गया। मंगलवार, शुक्रवार को कीमाे दिया जाएगा। अन्य दिनों में जांच की सुविधा रहेगी तथा जिन्हें कीमो दिया है उनका फालो अप भी लिया जाएगा।
बायोप्सी, सिटी स्कैन व एमआरआई की जरूरत
जिला अस्पताल में अभी कैंसर के मरीजों की जांच के लिए जरूरी मशीनें बायोप्सी, सिटी स्कैन व एमआरआई की व्यवस्था नहीं है। यहां केवल ब्लैक एंड व्हाइट एक्स रे बस की ही सुविधा है।
साभार: दैनिक भास्कर

