रायगढ़, 11 फरवरी2021/ भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देश के तहत कलेक्टर श्री भीम सिंह ने वर्तमान में रायगढ़ जिला अंतर्गत कोविड-19 से पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी को देखते हुए रायगढ़ जिला अंतर्गत स्थित स्कील ट्रेनिग इस्टीट्यूट, कोचिंग सेंटर तथा लाइब्रेरी को संचालित करने हेतु आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के तहत यथासमय ऑनलाईन क्लास/डिस्टेन्स लर्निंग को प्राथमिकता दिया जाये। संस्थान में बैठक क्षमता का एक समय में केवल 50 प्रतिशत व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। संस्थान में प्रवेश द्वार एवं निकासी द्वार पृथक-पृथक हो यह सुनिश्चित किया जावे एवं प्रवेश/निकासी द्वार टच फ्री मोड में होना चाहिये। श्वसन शिष्टाचार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे, संस्थान में उपस्थित व्यक्ति खांसते/छींकते समय टिशु पेपर, रूमाल, मुडी हुई कोहनी का अनिवार्यत: उपयोग करेंगे। संस्थान संचालक/ प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि उपयोग में लाये सामग्री का ठीक से निपटारा किया जाये।
संस्थान में रखे पीने के पानी स्थल, हाथ धोने का स्थल वॉशरूम, कुर्सी, टैबल, बेंच, कम्प्यूटर, लेपटॉप, प्रिंटर, पाठ्य सामग्री, लॉकर, क्लास रूम एवं ऐसी सतह जो टच फ्री मोड में न हो समय-समय पर 01 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड अथवा 70 प्रतिशत एल्कोहल बेस्ट सेनेटाईजर से साफ करना होगा। लेपटॉप, नोटबुक, पाठ्य सामग्रियों का आदान-प्रदान करने की अनुमति नहीं होगी। संस्थान में संचालित कैंटीन यथासंभव बंद रखना होगा। संस्थान में सीसीटीवी कैमरे लगाया जाये ताकि कोई व्यक्ति कोरोना संकम्रित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। संस्थान में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल/ फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनेटाईजर का अनिवार्य रूप से उपयोग किया करना होगा। बैठक व्यवस्था हेतु कुर्सी के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखना अनिवार्य है। संस्थान में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित होगा।
संस्थान में सेनेटाईजर थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जावेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर संस्थान में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी संस्थान के संचालक और प्राचार्य की होगी। संस्थान की बैठक क्षमता यदि कम हो तो विद्यार्थियों/प्रशिक्षणार्थियों को अलग-अलग समय में बुलाया जाए। संस्थान में यदि एयर कडिशनर का उपयोग किया जाता है, तो उसकी रेंज 24 डिग्री सेल्सियस से 30 डिग्री सेल्शियस रखना होगा। उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग न करते हुए कान्टेक्ट लेस उपस्थिति की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। संस्थान में उपस्थित किसी व्यक्ति/विद्यार्थी को यदि किसी प्रकार का कोरोना से संभावित लक्षण लगता है तो उसको तत्काल अन्य व्यक्तियों से अलग (आईसोलेटेड) करना होगा एवं इसकी जिम्मेदारी संस्थान प्रमुख की होगी। संस्थान में कोविड-19 से बचाव हेतु उपाय के लिए बेनर, पोस्टर लगाना अनिवार्य होगा।
संस्थान में पान, गुटखा, तम्बाकू इत्यादि उपयोग कर सार्वजनिक स्थान पर थूकना प्रतिबंधित है। संस्थान में एक रजिस्टर संधारित किया जायेगा, जिसमें उपस्थित होने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता एवं मोबाईल नम्बर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। कन्टेनमेंट जोन में संस्थान के संचालन की अनुमति नहीं होगी। यदि उक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल संस्थान बंद करना होगा एवं कंटेनमेंट जोन के समस्त निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
इन सभी शर्तों के अतिरिक्त कोविड-19 के संबंध में भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये आदेशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। उपरोक्त दिये गये किसी शर्तों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी संस्थान के संचालक/प्राचार्य की होगी तथा उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा आदेश के उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सह पठित एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1987 यथा संशोधित 2020 एवं भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धाराओं के अंतर्गत विधि अनुकुल कार्यवाही की जावेगी।

