केलो कपूत शिवराजपूत की चिट्ठी कलेक्टर रायगढ के नाम….
प्राकृतिक जल श्रोतों के बारे मे
केलोआई तेरे बदहाली पीछे कई कारण हैं जिसमे प्राकृतिक जल श्रोतों की अनदेखी भी एक कारण है अतः मै कलेक्टर साहब से निवेदन करता हूँ कि तेरे प्रवाह मार्ग के दोनो तरफ जितने भी तुर्री हैँ उनका संरक्षण करें तुर्रीयों की सूचि लंबी है बहरहाल तमनार के वनगंगा .शिवगंगा. समलाईखोल कांटा झरिया.कसडोल घटेश्वरी देगाँव .पडिगांव जिसे वन विभाग सहित ग्राम्य भारती घटेश्वरी मंदिर के साथी एवं पर्यावरण प्रेमी संगठनों द्वारा उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं बचे-खुचे जंगल की सुरक्षा भी की गई है वहीं राष्ट्रीय पक्षी मोर और दूसरे वन्य जीवों को भी जीने के अवसर मिले हैं आपकी हल्की सी जुम्बिश से यहाँ की तसवीर और तकदीर दोनों बदल सकती है एक अघोषित अभयारण्य बन सकता है कलोआई तू कुपोषण से बच भी सकती है इसलिए मै हमारे आदरणीय कलेक्टर भीम सिंह जी को सलिहारी वन गंगा परिसर मे आने आमंत्रित करता हूँ

