बरमकेला के बाद कोसीर थाना प्रभारी के विरुद्ध एसपी से शिकायत.
शिकायत पत्र में थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराध और अवैधानिक कृत्यों में थाना प्रभारी के अप्रत्यक्ष संलिप्तता की बात कही गई…
सारँगढ़/कोसीर- जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना के बाद से जिला पुलिस की कार्यशैली में सुधार की अपेक्षाएं अब बढ़ने लगी हैं।
इस लिहाज से 24 घण्टे के अंदर दो थाना प्रभारियों की शिकायत ग्रामीणों और पुलिस विभाग के कर्मचारी द्वारा सीधे पुलिस अधीक्षक महोदय अभिषेक सिंह मीणा से की गई है।
पहला मामला बरमकेला थाना प्रभारी के द्वारा अकारण प्रार्थी ग्रामीण से मारपीट और गाली-गलौज का है। तो दूसरा मामला कोसीर थाना प्रभारी की विवादित कार्यशैली से जुड़ा है। यहां शिकायत कर्ता के अलावा ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की माने तो थाना प्रभारी रूपेंद्र नारायण साय जुआ,सट्टा,शराब और देहव्यापार जैसे असमाजिक क्रिया-कलापों में संलिप्त लोगों को अपनी शर्तों पर सीधा संरक्षण दे रहे है। जिससे क्षेत्र
में सक्रिय अपराधियों के हौसले बुलंद है और अब थाना क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी बिगड़ने लगी है।
थाना-प्रभारी साय पर लोगों ने आरोप लगाया कि थाने में उनकी पदस्थापना के बाद से ही क्षेत्र में पहली बार देह व्यापार से जुड़े लोग सक्रिय हुए है। हाल ही में कार्यवाही के नाम और देह व्यापार से जुड़ी एक महिला और उसके सहयोगियों को पकड़ कर रात भर थाने में बैठाने के बाद करीब डेढ़ लाख रु की रकम लेकर सुबह बिना प्रकरण बनाये उन्हें छोड़ दिया गया था।
जबकि थाना क्षेत्र के करीब 50 बड़े शराब कोचियों से थाना में पदस्थ दो आरक्षकों को माध्यम बनाकर 2 से 3 लाख रु की वसूली कर बड़े उन्हें पैमाने शराब बेचने देने की छूट दी गई है। हालात ऐसे हो चुके है कि कोसीर थाना न्याय देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने कि जगह अवैध उगाही और आपराधिक तत्वों को संरक्षण देने का केंद्र बना गया है। लोगो मे कोसीर थाना-प्रभारी की कार्यशैली को लेकर गहरा रोष उतपन्न हो रहा है। ऐसे थाना -प्रभारी की वजह से पुलिस की अच्छी छवि खराब हो रही है। यही वजह से अंततः मजबूर होकर उसे नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह मीणा से थाना-प्रभारी कोसीर के खिलाफ लिखित शिकायत करनी पड़ी है।
शिकायतकर्ता ने पत्र में थाना प्रभारी रूपेंद्र नारायण साय की विवादित कार्यशैली के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक महोदय को बिंदुवार जानकारी देते हुए,उनसे तत्काल थाना प्रभारी पर लगे आरोपो की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध अविलंब उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
शिकायत पत्र में लगाये गए आरोपों में तमाम गम्भीर बातें कहीं गई है। जिनमें प्रमुख बात यह है कि थाना प्रभारी ने क्षेत्र के रक्शा और बटऊपाली नाम के दो गांव को तो जुआ का बड़ा अड्डा बना दिया है। जहाँ जुआ और सट्टा खाईवालों से प्रतिमाह लाखो रु की उगाही कर उन्हें अवैध कारोबार संचालन की खुली छूट दे दी गई है।
जबकि थाना क्षेत्र में कई स्थानों पर पहली बार देहव्यपार जैसे घृणित पेशे से जुड़े लोगों को पुलिस का सीधा संरक्षण मिल रहा है। इस वजह से ग्रामीण समाजिक वातावरण बुरी तरह से दूषित चुका है। यह बड़ी चिंता का विषय है,जबकि थाना प्रभारी साय उन शराब कोचियों को जो उन्हें उनका मांगा मासिक खर्चा दे रहे है,उनको अवैध शराब बिक्री करने की अनुमति दी हुई है,जबकि सड़क चलते निर्दोष ग्रामीणों को जबरन पकड़-पकड़ कर शराब बेचने के दर्जनो झूठे मामले बनाये गए है । क्षेत्र में लगातार बढ़ते अपराधिक घटनाओ व थाना प्रभारी साय के कृत्यों के कारण स्थानीय लोगों में अब पुलिस से सुरक्षा और न्याय का भरोसा उठने लगा है।

