पूल टूटने से ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबत गांव अंदर नही आ पा रहा है एंबुलेंस मरीजों को खाट के सहारे ईलाज कराने लेना पड़ रहा है अस्पताल, महिनों से टूटे पूल को कोई नही ले रहा है सुध
बेपरवाह हुआ प्रशासन
धरमजयगढ़- रास्ते किसी भी गांव की रूप रेखा तय करती है। रास्ते से ही अपने मंजिल तक जाया जाता है रास्ते ही किसी गांव की विकास कि आधार शीला होती है लेकिन वही रास्ते अगर हादसे की दावत देने लगे तो आप क्या कहेंगे। खबर ग्राम पंचायत साजापाली से है जहाँ ग्राम साजापाली का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला यह पूल शायद बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
बता दें कि दो माह पहले से पुल बिचो बिच का हिस्सा टूट कर धराशायी हो गया दो माह बीत गए लेकिन न किसी राजनेता न कोई आला अधिकारी इसकी सुध ली,आपको बता दे कि जिला प्रशासन ने भी अभी तक सर्वे नही करा पाया, जब इस सन्दर्भ में जनपद पंचायत सीओ से बात की गयी व आवेदन दिया गया तो उनके द्वारा अभी तक कोई कदम नही उठाया गया
बहरहाल जो भी हो देखना यह है की साजापाली की जनता के अधिकारों को कब तक अनदेखी होती है।


