राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजिंदर पाल सिंह भाटिया का शव रविवार को राजनांदगांव जिले में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। पुलिस को संदेह है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है।
भाटिया राजनांदगांव के छुरिया में अपने छोटे भाई के साथ रहते थे। शाम को वह घर पर अकेले थे। उनके भाई जब घर पहुंचे तो भाटिया अपने कमरे में फांसी पर लटके मिले। आत्महत्या का कारण फिलहाल साफ नहीं हो सका है। खबर है कि वो कुछ दिनों से खराब सेहत की वजह से परेशान चल रहे थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रजिन्दर पाल सिंह भाटिया के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है।
राजनीतिक सफर
भाटिया ने परिवहन मंत्री और CSIDC के चेयरमैन का पद भी संभाला। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में जब उन्हें भाजपा की ओर से टिकट नहीं दिया गया तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। उस समय कांग्रेस के भोलाराम साहू विधायक चुने गए। उस चुनाव में निर्दलीय लड़े भाटिया दूसरे स्थान पर रहे और भाजपा के विजय साहू को तीसरा स्थान मिला था।
भाजपा नेताओं के अनुसार, इस साल मार्च में भाटिया कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और ठीक होने के बाद भी उनकी सेहत अच्छी नहीं थी। हालांकि, पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है।
राजिंदर पाल सिंह भाटिया की पत्नी की कुछ साल पहले मौत हो गई थी और उनके इकलौते बेटे जगजीत सिंह भाटिया रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाजरत हैं।

