झंडा विवाद मे फंसे लोगों की मिली जमानत, जेल से हुए रिहा; अदालत ने पुलिस को भी लगाई फटकार
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में दो संप्रदायों के बीच झंडा हटाने को लेकर हुए विवाद में गिरफ्तार आरोपियों में से 18 लोगों को गुरुवार दोपहर बाद केंद्रीय जेल दुर्ग से जमानत पर छोड़ा गया। कवर्धा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने बुधवार को 18 आरोपियों की याचिका पर सुनवाई की और उन्हें जमानत दी है। इस मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है, जिसके लिए कोर्ट ने पुलिस-प्रशासन को फटकार भी लगाई है। दरअसल, जिन 18 को जमानत मिली है, उनकी गिरफ्तारी पहले हुई और बाद में एफआईआर दर्ज की गई है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पहले गिरफ्तारी और बाद में एफआईआर ही जमानत का आधार बना। बताया जा रहा है कि कोर्ट ने जिन आरोपियों को जमानत दी है, उन्हें पुलिस ने तीन अक्टूबर को ही हिरासत में लिया था, लेकिन उनके खिलाफ 4 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। गुरुवार को केंद्रीय जेल दुर्ग से जिन 18 लोगों को रिहा किया गया। उन्हें रिसीव करने के लिए बड़ी संख्या में कवर्धा और दुर्ग शहर के भाजपाई व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं पहुंचे थे।
बता दें कि कवर्धा के लोहारा नाका चौक में तीन अक्टूबर को दो संप्रदायों में विवाद हो गया था। वहीं 5 अक्टूबर को अलग- अलग मोहल्लों में झंडा हटाने और लगाने को लेकर विवाद बढ़ गया था। कवर्धा में हुए इस हिंसा के बाद पुलिस ने कुल 108 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

