*सड़क ठेकेदार कंपनी की घोर लापरवाही हुई उजागर!
@धरमजयगढ़ पत्थलगांव मुख्य मार्ग रहा घण्टो बाधित,बारिश में पुल निर्माण हेतु बनाए गए डायवर्सन के कटने से लगा लंबा जाम!
असलम खान धरमजयगढ़:- पत्थलगांव मुख्य मार्ग में बनाए जा रहे, पुल के लिए डायवर्शन सड़क बारिश में बहने की वजह से धरमजयगढ़ पत्थलगांव मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। जाम होने पर सड़क पर आवा जाहि करने वाले तमाम वाहनों के पहिए कई घंटों के लिए थम गए।लिहाजा लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घंटो बाद पुलिस की तैनाती द्वारा यातयात व्यवस्था दुरुस्त हो पाई।
जानकारी के मुताबिक पत्थलगांव बस स्टैंड से धरमजयगढ़ होते हुए खरसियां के चोढा गांव तक सड़क चौड़ीकरण कार्य प्रगति पर है,जिनमे 92 पूल निर्माण भी शामिल है।जो कुल 147 करोड़ रुपए की लागत से बननी है। सड़क का निर्माण सहित चौड़ीकरण कार्य भोपाल के 3 जी नामक कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। जिसके लिए सड़क में पूल निर्माण करने हेतु खड्डे खोदे गए हैं, वहीं आवागमन बाधित न हो इसके लिए नियमानुसार डायवर्शन सड़क बनाए गए हैं, जिनमे धरमजयगढ़ नीचे पारा और कांजी नाला के पास बिती रात हुई बारिश ने कंपनी की शुरुवाती निर्माण कार्य की गुडवत्ता व उचित मापदंड को लोगों के सामने सड़क जाम के रूप बयाँ कर दिया है।
बीती रात्रि हुई बारिश से नीचे पारा सड़क डायवर्सन कीचड़ में तब्दील हो गया, तो वहीं कांजी नाला डायवर्सन सड़क कट गया। जिस वजह से धरमजयगढ़ और पत्थलगांव की तरफ सड़क में वाहनों की लंबी क़तारें लग गई।यहां आज लोग बीते 1 बजे रात से दोपहर तक कई घंटों तक जाम और मुसीबत में बुरी तरह फंसे रहे। हालांकि कुछ यात्री बसें अपना रास्ता बदलकर दूसरे मार्ग भंडारीमुड़ा,ओंगना जंगल रास्ते की ओर से गंतव्य की ओर निकल गए। लेकिन फिर भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी, इस दौरान स्थानीय पुलिस यातायात दुरुस्ती को लेकर लगातार कमान सम्हाली रही, जब तक की सड़क क्लियर न हो गई।
जानकारों के अनुसार सड़क पूल निर्माण कार्य मे संबंधित 3 जी कंपनी द्वारा अत्यंत लापरवाही बरती गई है, सड़क निर्माण दौरान निर्धारित मापदंड का ख्याल नही रखा गया है। डायवर्सन की गई सड़क में मिट्टी मुरूम और गिट्टी नही डाला गया अलबत्ता केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया।मौसम की जानकारी होते हुए भी मिट्टी का डायवर्सन सड़क बनाकर छोड़ दिए,इसके अलावा मुख्य सड़क होने के नाते उचित ट्रायल भी नही लिया गया,जिसका खामियाजा के रूप में आवागमन करने वाले लोगों को भारी असुविधा झेलना पड़ा। जबकि नियमानुसार सड़क पर होने वाली सभी छोटी बड़ी समस्याओं के लिए कंपनी जिम्मेदार है। जबकि आज कंपनी की लापरवाही का नतीजा सड़क में आवागमन करने वालो को भुगतना पड़ा!बता दें करीब 6 से 7 घंटो के इस भीषण जाम से शासन सहिंत बहुत से लोगों का नुकसान हुआ है। ऐसे में यहां सहज रूप से अंदाजा लगाया जा सकता है, की शुरुवाती सड़क निर्माण कार्य का सूरते हाल यह है तो आगे क्या आलम होगा!आगाज ऐसा है तो अंजाम क्या होगा खुदा जाने?

