जगदलपुर. विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व में रविवार को सिरहासार चौक में विधि-विधान से नारफोड़नी रस्म पूरी की गई। कारीगरों के प्रमुख बेड़ाउमरगांव निवासी दलपति की मौजूदगी में पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर मोगरी मछली, अंडा और लाइ-चना अर्पित किया गया, इसके साथ ही औजारों की पूजा की गई। पूजा विधान के बाद रथ के चक्के में एक्सल के लिए छेद किए जाने का काम शुरू किया गया। वहीं शाम को लोहरा लाड़ी तैयार की गई। यहां रथ में उपयोग किए जाने वाले कील आदि का निर्माण किया जा रहा है। रथ बनाने का कार्य भी पूरी तत्परता से झारउमरगांव और बेड़ा उमरगांव के 50 कारीगर कर रहे हैं। रथ का पहला चक्का तैयार होने के बाद रविवार सुबह 11 बजे सिरहासार भवन के सामने रथ के पहियों में छेद करने के पहले इनकी पूजा अर्चना की गई। जिसके बाद इसमें छेद कर लोहे का गुर्दा लगाया जाएगा। बस्तर दशहरा के तहत इस वर्ष 8 पहियों वाला रथ तैयार किया जा रहा है।
96 अंगुल ऊंचा होता है पहिया
बस्तर दशहरा के लिए चार और आठ पहियों वाला जो रथ तैयार किया जाता है, उनके प्रत्येक पहिए की ऊंचाई 96 अंगुल होती है। ग्रामीण परंपरानुसार उंगलियों से नाप कर यह निर्धारण करते हैं। पहियों के मध्य गुर्दा लगाने के पहले जो छेद किया जाता है वह भी 14 अंगुल वृत्ताकार निर्धारित है। पहले पहिया के मध्य बसूला- बिंधना से छेद किया जाता है। लोहे की गोल प्लेट को गर्म कर गुर्दा लगाया। यह कार्य बढ़ई और लोहार करते हैं।
16 अक्टूबर को काछनगादी के बाद होंगे दूसरे विधान
75 दिनों तक चलने वाला दशहरा पर्व इस साल 104 दिनों तक मनाया जाएगा। इस पर्व की शुरुआत 22 जुलाई को पाटजात्रा विधान के साथ हुई थी। इसके बाद डेरीगड़ाई व बारसी उतारनी की रस्म पूूरी की गई। अब 16 अक्टूबर को काछनगादी विधान, 17 को कलश स्थापना और जोगी बिठाई रस्म, 22 को बेल नेवता पूजा विधान, 24 को महाअष्टमी पूजा विधान, 25 को कुंवारी पूजा विधान, 28 को भीतर रैनी विधान, 27 अक्टूबर को कुमडाकोट पूजा विधान, 28 अक्टूबर को काछनजात्रा पूजा विधान और 31 अक्टूबर को विदाई पूजा के साथ महा उत्सव का समापन होगा।
कलेक्टर की अपील- कम संख्या में पहुंचे ग्रामीण
प्रशासन के आदेश के मुताबिक 32 गांव और तोकापाल के चार गांवों के 400 श्रद्धालु शामिल होंगे। हर गांव से 15 लोगों को लाने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया है। कलेक्टर रजत बंसल ने बताया कि फूल रथ की परिक्रमा के लिए दल का गठन किया है। दल के सदस्य 14 अक्टूबर तक एसडीएम कार्यालय में जानकारी देंगे। 15 को उनका कोरोना टेस्ट होगा। इसके बाद 2 दिनों तक होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। कलेक्टर ने कहा कोरोना संक्रमण को देखते हुए ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे कम संख्या में देवी-देवताओं को लेकर आएं।

