कानपुर के महाराजपुर में शनिवार देर रात एक शख्स ने अपने छोटे भाई (अधिवक्ता) की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। तड़के जब परिजन छत से नीचे उतरे तो खून से लथपथ शव देख देकर सन्न रह गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि उसके भाई के संबंध उसकी पत्नी से हैं, इसलिए वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। महुआ गांव के मजरा घाघूखेड़ा निवासी धनंजय सिंह किदवई नगर के मिड डे मील सेंटर में खाना बनाता है। उसके पिता जगदीश यादव ने बताया कि इसी साल 18 मई को धनंजय की शादी हुई थी। घर में उनका छोटा बेटा शिव बहादुर सिंह (29) भी रहता था। शनिवार देर रात शिव बहादुर बरामदे में सो रहा था। बाकी सभी छत पर सो रहे थे। देर रात धनंजय ने सोते वक्त ही शिव बहादुर पर लाठी से वार पर वार करने शुरू कर दिए।
हत्या करने के बाद वह वहां से फरार हो गया। तड़के जब धनंजय की पत्नी छत से उतरकर नीचे आई तो देखा कि बरामदे में खून ही खून है और शिव बहादुर का शव पड़ा था।
तब उन्होंने अन्य परिजनों को जानकारी दी। एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि धनंजय अपनी पत्नी व भाई पर शक करता था।
उसको लगता था कि उन दोनों के अवैध संबंध हैं, इसलिए उसने वारदात को अंजाम दिया। पिता जगदीश की तहरीर पर धनंजय पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
मौके पर मौजूद पुलिस
सनकी है धनंजय, बात-बात पर करता था विवाद
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान परिजनों ने बताया कि धनंजय को सनक चढ़ती है। वह बहुत शक्की है। अक्सर वह शक की वजह से विवाद करता रहता था। भाई शिव बहादुर से भी खुन्नस रखता था। जगदीश ने बताया कि जिस बात को लेकर धनंजय शक करता था वैसा कुछ भी नहीं था लेकिन वह मानता ही नहीं था।
आखिर में उसकी इतनी सनक बढ़ी की भाई का ही कत्ल कर दिया। शिव बहादुर पीसीएस जे की तैयारी कर रहा था। साथ ही वह कचहरी में प्रैक्टिस करने जाता था। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून से सना डंडा व आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद की है।

