सारंगढ:– छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और ग्रामीण पारम्परिक खेल यहां की आबोहवा का एक महकता झोंका है। ग्रामीण परिवेश एवम स्थानीय खेल लोगो के सपनों का जीवंत प्रतिबिंब है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल की सम्मपूर्ण सहजता,सरलता,मोहकता और माधुर्य जहां एक मंच पर सिमट आए हो,उस मंच का नाम है छत्तीसगढ़ीयां ओलंपिक। छत्तीसगढ़ीया ओलंपिक ग्रामीण संस्कृति और पारम्परिक खेलों का अनूठा संगम है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप इन दिनों पूरे प्रदेश भर में छत्तीसगढ़ीया ओलंपिक के माध्यम से विविध खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों के माध्यम से ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को तराशने के साथ साथ ग्रामीण जनजीवन की सहजता,निश्छलता,सद्भावना और आपसी भाईचारा के बेदाग रिश्तों को रेखांकित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय एवं पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा मे सरकार ने नई पहल की है। इस ओलम्पिक की खास विशेषता यह है कि इसमें बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग सभी बतौर प्रतिभागी भाग ले सकते हैं।

विदित हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घोषणा के अनुरूप जिला कलेक्टर डी राहुल वेकेंट के निर्देशानुसार तथा जिला शिक्षा अधिकारी आरपी आदित्य के कुशल मार्गदर्शन में पूरे जिले के सभी विकासखण्डों मे 6अक्टूबर से सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों मे राजीव मितान क्लब के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ीया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसी अनुक्रम मे सारंगढ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत चँवरपुर में सरपंच शिवदास मानिकपुरी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ीया ओलंपिक का आयोजन किया गया।
सरपंच शिवदास ने बच्चों एवम ,ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस ओलम्पिक खेल से गांव गांव में विभिन्न खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा और गांव की खेल प्रतिभा निकल कर सामने आएगी। राजीव मितान क्लब के अध्यक्ष आकाश ने कहा कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत गांव के बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों को भी बिना किसी भेदभाव के खेल खेलने का मौका मिलेगा। सचिव त्रिलोचन जायसवाल ने सरकार की इस कदम की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को खेल भावना से खेलने और बेहतर प्रदर्शन करने का आग्रह किया ।निर्णायक ध्रुवकुमार महन्त ने प्रतिभागियों को विभिन्न खेलों के नियम एवम खेलने की तरीको को बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से खेल प्रतिभाओं को तराशने के साथ साथ उत्साह,उमंग,स्वाभिमान,अस्मिता और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का नया दौर शुरू होगा।
इस ओलम्पिक के अंतर्गत खो खो,कबडडी,गिल्ली डंडा,गेड़ी,कंचा,बिलल्स, फुगड़ी,सौ मीटर दौड़,आदि जैसे पारम्परिक खेलों को खेला जाता है। गांव के बच्चों से लेकर विभिन्न आयुवर्ग के प्रतिभागियों ने सहभागिता कर अपनी बचपन के दिनों को ताजा किये।*छत्तीसगढ़ीया ओलम्पिक के अंतर्गत विविध खेलों में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़ कर सहभागिता करते हुए अपने अपने खेल कौशलों का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जोन स्तर के प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं। फुगड़ी मे आसमती बरिहा, सावित्री खड़िया,सौ मीटर दौड़ में बोटलाल खड़िया,मनोज यादव,फुगड़ी 18 वर्ष से कम अंतर्गत प्रियंका खड़िया,ऋतु खड़िया,भंवरा-सूरज मानिकपुरी,सूरज मैत्री,अंजली मुंडा,गेड़ी दौड़-हेमसागर खड़िया,छोटेलाल खड़िया रस्साकशी-हेमसागर, भरत चौहान,छोटेलाल आदि ने अपने अपने विधा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर जोन स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए।कार्यक्रम के अंत में राजीव मितान क्लब और पंचायत के संयुक्त तत्वावधान मेप्रथम,द्वितीय पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत स्तरीय ओलम्पिक स्पर्धा को सफल बनाने में राजीव मितान क्लब के अध्यक्ष आकाश महन्त एवम उनकी पूरी टीम तथा सरपंच शिव दास ,सचिव त्रिलोचन जायसवाल,राधाचरण चौहान,कोटवार छविलाल चौहान,यादराम मैत्री,बोटलाल ,प्रधान पाठक द्वय तृप्ति मिश्रा, अनिता कुजूर,निर्णायक द्वय ध्रुवकुमार महन्त,खीर कुमारी चौहान,एवम पंचायत पदाधिकारीयों ने सक्रिय सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाये।*

