बरमकेला. सनातनधर्म विश्व का सर्वश्रेष्ठ धर्म है। कलियुग में हरिनाम से ही लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।सनातन धर्म सभी जीवों पर दया एवं विश्व समुदाय की कल्याण की कामना करता है। अन्य युगों में जीवों में मोक्ष प्राप्ति के कई कठिन एवं जटिल कर्मकांड थे, लेकिन भगवान ने कलियुग के मनुष्यों पर उदारता दिखाते हुए केवल हरिनाम भजन एवं कीर्तन को ही भवसागर पार करने का साधन बताया। इस युग में कर्मकांड़, साधना, जप एवं विभिन्न प्रकार के यज्ञ करने का ना तो लोगों के पास साधन है और ना ही इच्छाशक्ति। गौरांग महाप्रभु ने हरिनाम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई परेशानी एवं व्यवधान का सामना करना पड़ा था। लेकिन हरिनाम का महत्व को समझते ही पूरे विश्व में सनातन समुदाय के लोग भजन कीर्तन करते है।

इसी बीच आज कंठीपाली में हरी नाम यज्ञ का आयोजन संपन्न हुआ।जिसके बाद हरी नामयज्ञ में शामिल कीर्तन पार्टियां संध्या के समय हरी नाम का प्रचार करने के लिए नगर भ्रमण किया।

ओड़िशा के तीन बहुचर्चित कीर्तन पार्टियां नवगा की रूबी परूआ,कूड़ापाली की रंजिता हंस और लिंबानी की लिप्सा भोई,लिपि भोई ने कंठीपाली नगर भ्रमण में धमाल मचा दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता भरत पंडा के अनुसार हरी नामयज्ञ का आयोजन पहले होना था लेकिन गांव में किसी विशेष कारण से इसका आयोजन इस समय करना पड़ा।जिसमे गांव के गौंटिया नामयज्ञ मे यजमानी करते हैं।

