मामले में हाईकोर्ट ने ममता सरकार को आज दोपहर दो बजे तक उसे इस सवाल का जवाब देने का निर्देश दिया है। इकबालपुर सांप्रदायिक हिंसा की एनआईए जांच कराने की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुई हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया।
पश्चिम बंगाल के इकबालपुर में हुई हिंसा व इस दौरान बम धमाकों को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने ममता सरकार से पूछा है कि क्या हिंसा के दौरान हुए बम विस्फोटों के बारे में केंद्र सरकार को सूचित किया गया था? जबकि धमाकों की सूचना केंद्र सरकार को देने का अनिवार्य प्रावधान है।
मामले में हाईकोर्ट ने ममता सरकार को आज दोपहर दो बजे तक उसे इस सवाल का जवाब देने का निर्देश दिया है। इकबालपुर सांप्रदायिक हिंसा की एनआईए जांच कराने की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुई हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि एनआईए अधिनियम की धारा 6 के तहत केंद्र को एक अनिवार्य रिपोर्ट भेजना जरूरी है, ताकि यह तय किया जा सके कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की आवश्यकता है या नहीं?
न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने राज्य सरकार को आज ही दोपहर 2 बजे तक यह सूचित करने का निर्देश दिया कि क्या उक्त अनिवार्य प्रावधान का पालन किया गया था?
बंगाल सरकार की ओर से कोर्ट में मौजूद वकील टीएम सिद्दीकी ने कोर्ट से कहा कि दक्षिण पश्चिम कोलकाता के इकबालपुर क्षेत्र में हिंसा को लेकर मयूरभंज में रविवार को पांच एफआईआर दायर की गई है। उन्होंने इस संबंध में रिपोर्ट भी पेश की।
बता दें, कोलकाता के इकबालपुर थाना क्षेत्र में आने वाले मोमिनपुर में शनिवार रात दो समुदायों में हिंसा फैल गई थी। हजरत मोहम्मद के जन्मदिन पर देर रात अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हिंदुओं के घरों और दुकानों पर जबरदस्ती झंडे लगा दिए थे। इसे हिंदुओं ने हटा दिया था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव फैला और हिंसा शुरू हो गई। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने रविवार देर रात दूसरे वर्ग के घरों, दुकानों, गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी।

