गरियाबंद. 40 दिनों से अपनी मांगों को लेकर गांधी मैदान में धरने पर बैठे रसोइयों ने मांग पूरी नहीं होते देख आज तिरंगा चौक पर चक्काजाम किया. इसकी जानकारी लगने पर आनन-फानन में प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने पहुंचकर समझाइश दी, जिसके बाद लगभग आधे घंटे के सांकेतिक चक्काजाम के बाद रसोइया संघ के लगभग एक हजार कर्मचारी वापस धरना स्थल लौटे.
वर्तमान में 50 रुपए प्रतिदिन की दर से मिल रही राशि को कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर रसोइया संघ आज चक्काजाम करने को मजबूर हुआ. रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष हेमलता देवांगन ने बताया कि कई दिनों से हम लोग अपनी मांग को मनवाने संघर्षरत हैं, परंतु शासन-प्रशासन से किसी तरह की कोई पहल नहीं की गई. इसके चलते आज मजबूरन सांकेतिक चक्काजाम करना पड़ रहा है. जल्द मांग पूरी नहीं होने पर और उग्र आंदोलन किया जाएगा.
विधायक अमितेश पर लगाया उपेक्षा का आरोप
रसोइया संघ की जिला अध्यक्ष हेमलता देवांगन ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर कई बार वे शासन-प्रशासन के पास जा चुके हैं. 2 साल पहले राजिम विधायक अमितेश शुक्ला के गरियाबंद प्रवास के दौरान भी इस मांग को रखा था. उन्होंने सभी महिलाओं के बीच में बैठकर आश्वासन दिया था कि आप मुझे चुनाव में जिताएं मैं आपकी मांगों को जल्द पूरा करवाऊंगा, परंतु उसके बाद से आज तक राजिम विधायक को इस मामले को लेकर 2 से 3 बार लेटर आवेदन दे चुके हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं किया है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति रही तो वे रसोइया संघ ने यह निर्णय लिया है कि आने वाले समय में वे किसी भी पार्टी को वोट नहीं करेंगे.

