सारंगढ़. दीपावली आते ही जिले में अवैध पटाखों का कारोबार शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय बारूद के ढेर पर है। घनी आबादी में बेखौफ आतिशबाजी का भंडारण किया जा रहा है। यह आतिशबाजी दिपावली पर खपाने के लिए शहर में अवैध रूप से भण्डार किया जा रहा है, बावजूद इसके प्रशासन गंभीर नहीं है।
दशहरा के बाद अब दिपावली का त्योहार को महज गिनती के दिन शेष है। दीपावली नजदीक आते ही शहर के अधिकांश दुकानों में लाखों रुपये की खतरनाक आतिशबाजी का खुलेआम भंडारण किया जा रहा है। शहर के मध्य स्थानों पर भारी मात्रा में पटाखों का गोदाम है जहां क्षमता से अधिक पटाखे रखे जाते हैं। शहर सारंगढ़ के मध्य स्थल पर स्थित गोदाम व घरों में भारी पैमाने पर पटाखे जाम कर रखे जा रहे हैं। साथ ही ऐसे सभी स्थानों पर किसी गंभीर अनहोनी से निपटने के लिए कोई उपाय नहीं है। चूंकि पटाखा का व्यवसाय सीजनली होता है। साल में एक बार होने की वजह है इसमें संलिप्त व्यवसायी अधिक से अधिक लाभ कमाने की फिराक में रहते हैं। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष लाखों रुपए के पटाखों का अवैध भण्डार सूचना मिलने पर सारंगढ़ पुलिस ने वहां दबिश दी और दुकान के कमरों में बड़ी तादाद में पटाखे मिले। इनमें बम, अनारदाना, पᆬूलझड़ी सहित चायनिज पटाखे लाखों रुपए के थे। सारंगढ़ पुलिस ने यहां से दो बड़े वाहनों में पटाखा जब्त किया था। अगर पटाखों में दुर्घटनावश आग की एक चिंगारी भी गिर जाती तो शहर तबाह होने में देरी नहीं लगती।

