मुलमुला. सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर कोनार की एक युवती उषा कश्यप से धमनी निवासी रितेश दुबे और उसकी पत्नी व एक अन्य युवक ने साढ़े सात लाख रुपए की ठगी की थी। नौकरी तो लगी नहीं पैसा भी वापस नहीं किया तो उषा ने मुलमुला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दंपती सहित गौरव रजक सहित तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी थी। डेढ़ माह बाद पुलिस ने एक आरोपी गौरव रजक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दंपती अभी फरार है। मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोनार निवासी उषा कश्यप ने 24 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई थी कि वर्ष 2018 में बिलासपुर हिन्दी टाइपिंग सीखने जाती थी तब धमनी निवासी रितेश दुबे उर्फ रितुराज से मुलाकात और जान पहचान हुई । रितुराज ने अपनी पत्नी रेनू दुबे के साथ मिलकर युवती काे मत्स्य विभाग में मछली पालन अधिकारी की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वह झांसे में आ गई और दंपती ने युवती पर ऐसा प्रभाव डाला कि पैसा लेने के लिए वे लोग उसके गांव तक पहुंच गए।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रॉपर्टी डीलिंग बनाकर ठगते हैं
पकड़े गए आरोपी गौरव रजक ने बताया कि रितेश दुबे और रेनू दुबे ने और भी कई अन्य बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देते हुए पैसा कमाए हैं। अपने नाम से व्यक्तिगत ड्राइविंग लाइसेंस प्रॉपर्टी डीलिंग अकादमी बनाई है। जिसका संचालन खुद करते हैं और बहुत सारे लोगों को धोखा देते आ रहे हैं। आरोपी के अनुसार हर बार अपना नाम, पता बदलते रहते हैं।
पैसा लौटने आरोपी ने किया था नोटरी
युवती ने अपने नौकरी की जानकारी रितेश से मांगी तब रितेश जानकारी न दे सका और संबंधित अधिकारी के तबादले की जानकारी दी और युवती से मिलने बिलासपुर बुलाया तब युवती ने अपने द्वारा दिये गए रकम वापस करने को कहा और युवक रकम वापस न करने में शंका होने पर युवती ने 112 को फोन किया और बिलासपुर के सिविल लाइन थाने ले आई। तब युवक 4 जून 2020 तक पैसा वापस करने स्टाम्प पेपर पर नोटरी भी किया। लेकिन उससे भी मुकर गया और घर और मोबाइल बंद कर भाग गया ।

