तमनार. हिंदी हमारी मातृभाषा ही नही बल्कि हमारे अंतस के संप्रेषण का माध्यम है, जिसका संवर्धन हमारा प्रथम कर्तव्य है और इस कर्तव्य का निर्वहन करते हुए, शा0 महाविद्यालय तमनार में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया।
डॉ. पी एम दास प्राचार्य महाविद्यालय तमनार की अध्यक्षता और प्रो.कमल यशवंत सिन्हा के संयोजन में आयोजित भव्य कवि सम्मेलन की शुरुवात राष्ट्रीय कवि संगम के साहित्यकारों के स्वागत सम्मान, सरस्वती वन्दना और छतीसगढ़ी महतारी के राज गान और अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ हुआ ।हिंदी शब्द सुजान लगे है सबसे प्यारा,हिंदीमय हो देश लगाओ ऐसा नारा जैसे गीतों से गीतकार अजय पटनायक “मयंक” कार्यकम का शुभारंभ किया उनके मधुर गीतों ने सबको मंत्र मुग्ध कर दिया,तत्पश्चात गजलकार हर्ष राज हर्ष ने अपने गजलों से शमा बंधा कार्यकम को आगे बढ़ाते हुए तेजराम नायक “तेज” ने अपने हास्य रचनाओं से सबको हंसाते के बाद वीर अभिमन्यु पर लिखे मर्मस्पर्शी गीत से सबको भाव विभोर कर दिया। क्रम को जारी रखते हुए शायर चंद्रभान चंदन और जयंत पटेल ने अपने दमदार गजलों से भाव बिखेरा और अंत में अपने ओज मयी तेवर से गुलशन खम्हारी “प्रदुम्न” ने युवाओं में जोश भरते हुए ताली बटोरा, कार्यक्रम के अंतिम दौर में कार्यक्रम संयोजक प्रो0 कमल यशवंत सिन्हा के रचनाओं को श्रोताओं का भरपूर प्यार मिला। इस दौरान कार्यक्रम के मध्य में महाविद्यालय के विद्यार्थियों तथा अध्यापकों ने भी अपनी काव्य प्रस्तुति देकर हिंदी के सम्मान में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रो0 सिन्हा ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समापन की घोषणा की। इस पूरे कार्यक्रम को महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति और एन एस एस के सहयोग ने सफल बनाया ।कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो.कमल यशवंत सिन्हा ने किया।

