कन्या पूजन, रावणदहन व महाभंडारे का हुआ आयोजन.

मां दुर्गा के नवरात्र यूं तो साल मे दो बार आते हैं, लेकिन दुर्गा पूजा, दशहरा और दीवाली जैसे खास त्योहारों के कारण शारदीय नवरात्रि का महत्व बहुत बढ़ जाता है। इस बार नवरात्रि का त्योहार रविवार, 15 अक्टूबर से शुरू होकर मंगलवार, 24 अक्टूबर तक चला। रायगढ़ जिला पुसौर तहसील के मां बिंजाटीपलिहेन मंदिर कोंड़पाली में शारदीय नवरात्रि पर्व श्रद्धा भक्ति के साथ सुसंपन्न हुआ। मां बिंजाटीपलिहेन सेवक समिति के अध्यक्ष विनोद पण्डा ने बताया नवरात्रि में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता था। अनेक भक्तों द्वारा अखंड दीप प्रज्ज्वलित किया गया था। बिंजाटीपलिहेन देवी माता मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर्व श्रद्धा भक्ति के साथ बहुत ही उत्साह से मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ शुरू हो जाती थी। समिति सदस्यों द्वारा माता की पूजा करते हुए भोजन प्रसाद बनाना और कन्याओं का पूजन करते हुए भोजन करवाना एवं रावणदहन का कार्यक्रम बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। प्रतिदिन हजारों भक्तों की भीड़ नवरात्रि पर्व में हुआ करता था। मां बिंजाटीपलिहेन सेवक समिति द्वारा आगंतुक अतिथि भक्तों के लिए बहुत सुंदर व्यवस्था किया गया था। मां की कृपा से भंडारा पूरे नवरात्रि अनवरत चालू था। वृंदावन से आए कथा वाचक द्वारा सात दिनों तक प्रवचन चला, उड़ीसा रेढ़ाखोल के कथावाचक दो दिन एवं अंतिम दिवस रात्रि लारा के कलाकारों द्वारा रामलीला मंचन किया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत, असत्य पर सत्य का विजय का प्रतीक दशहरा पर्व भी धूमधाम से मनाया गया। रावणदहन का आयोजन भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा। नवरात्र पर्व का विशेष महत्व है। नवरात्र में मां की भक्ति करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

