जशपुर. कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई अब सिर्फ कागजी आदेश तक सिमटकर रह गई है। धरातल में किसी भी निर्देश का कोई पालन नहीं हो पा रहा है। ना सिर्फ कलेक्टर बल्कि मुख्य सचिव तक ने जिला प्रशासन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं, पर इसपर अमल नाममात्र को नहीं है। आलम यह है कि कंटेनमेंट जोन घोषित एरिया में सैकड़ों की भीड़ जमा हो रही है। यातायात में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है और ही दुकानों व हाट बाजारों में भीड़ में कमी देखी जा रही है। सोमवार की सुबह करबला रोड के कंटेनमेंट जोन में सैकड़ों मजदूरों की भीड़ जमा हो गई है। करबला रोड में 10 कोरोना संक्रमितों के पाए जाने के कारण 16 अक्टूबर को कलेक्टर ने दर्जी मोहल्ला, बनियाटोली, गढ़ाटोली एवं सरनाटोली तक के एरिया को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इस कंटेनमेंट जाेन में पूर्व दिशा में बिरसामुंडा चौक पड़ता है। जहां हर सोमवार को लेबर इकट्ठा होते हैं। यहां से लेबर विभिन्न निर्माण कार्य के लिए बुक किए जाते हैं। बिरसामुंडा चौक वाला एरिया 22 अक्टूबर तक के लिए कंटेनमेंट जोन घोषित है, पर सोमवार को इस चौक में सैकड़ों मजदूर इकट्ठा हो गए व प्रशासन को काेई भी अधिकारी इस जगह को खाली कराने नहीं पहुंचा। शहर के बरटोली को 22तक के लिए कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है पर यहां भी इसे लेकर किसी तरह की कोई सावधानी नहीं देखी जा रही है। कंटेनमेंट जोन सिर्फ कागजों में बना है। हकीकत में ना तो कंटेनमेंट जोन में दुकानें बंद हैं और ना ही लोगों की आवाजाही बंद हुई है।
दुकानों के सामने भी भीड़, कहीं गोले नजर नहीं आ रहे
मुख्य सचिव आरपी मंडल ने बीते शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा था कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए दुकानों के सामने गोले बनवाए जाएं ताकि भीड़ जमा ना हो। पर वर्तमान में किसी भी दुकान के सामने गोले नजर नहीं आ रहे हैं। पहले लॉकडाउन के वक्त जब आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति के लिए दुकानों के सामने गोले बनवाए गए थे, वे अब मिट चुके हैं। दुकानों के सामने सामान्य दिनों की तरह की भीड़ दिख रही है। राशन दुकान व बैंकों के सामने रोजाना भीड़ जमा हो रही है।
कंटेनमेंट जाेन में अव्यवस्था के लिए यह हैं जिम्मेदार
जशपुर के कंटेनमेंट जाेन को सील करने और गश्त करने की व्यवस्था के लिए एसडीएम दशरथ सिंह राजपूत, आंकाक्षा त्रिपाठी व एसडीओपी राजेन्द्र सिंह परिहार की ड्यूटी लगी है। कंटेनमेंट जाेन में केवल एक प्रवेश निकास के लिए लोनिवि के एसडीओ टीएन सिंह, कंटेनमेंट जोन को सैनिटाइजर करने के लिए जिन पर सीईओ प्रेमसिंह मरकाम और सीएमओ बसंत बुनकर, कांटेक्ट ट्रेसिंग में बीईओ एमजेडयू सिद्दिकी, कम्यूनिटी सर्विलेंस व घरों का एक्टिव सर्विलेंस में रूकमणी कश्यप महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य जांच के लिए डॉ एडी तिर्की, रजस्वला एक्का, आवश्यक वस्तुओं की सुविधा मुहैया कराने के लिए जनपद सीईओ प्रेम सिंह मरकाम, तहसीलदार लक्ष्मण राठिया व नपा सीएमओ की ड्यूटी लगाई गई है।
ऑटो ओवरलोड, टैक्सियों में भी भीड़ रोक-टोक नहीं
ना सिर्फ दुकानों के सामने बल्कि यातायात में भी सोशल डिस्टेंसिंग लोग भूल चुके हैं। बसों के ज्यादा नहीं चलने से ग्रामीण इलाकों से ऑटो चल रहे हैं। ऑटो में यात्रियों को खचाखच भरा जा रहा है। 4 से 6 यात्रियों की क्षमता वाले ऑटो में 15 से 20 यात्री ले जाए जा रहे हैं।
पहले औसतन 20 केस अब 40 केस आ रहे रोज
जिले में कोरोना का संक्रमण भी लगातार बढ़ रहा है। पहले औसतन प्रतिदिन 20 से 25 केस आ रहे थे। वहीं अब प्रतिदिन जिले से 40 से 45 केस सामने आ रहे हैं। कोरोना का संक्रमण बढ़ा है और कंटेनमेंट जोन तक में व्यवस्था में ढील दे दी गई है।
जो नियम में है वही व्यवस्था रहेगी, नहीं मिलेगी छूट
“मैं छुट्टी पर था, आज ही पदभार ग्रहण किया हूं। कंटेनमेंट जोन को लेकर जो नियम है उसे ही लागू किया जाएगा। किसी भी तरह की कोई छूट नहीं दी जाएगी।”
-दशरथ सिंह राजपूत, एसडीएम, जशपुर

