रायगढ़. जिला पंचायत ने मनरेगा के तहत इनके लिए 17 हजार से छोटे बड़े कार्यों को मंजूरी दी है ताकि धान की कटाई के बाद लोगों को काम मिले और मजदूरी के लिए बाहर जाना न पड़े। घरों में गाय बकरी कोठा, वर्मी कंपोस्ट, नलों के आगे रिचार्ज पीठ जैसे छोटे-बड़े कार्य शामिल है। कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में रोजगार के विकल्प तेजी से कम हुए हैं। इस दौरान जिले से दूसरे राज्यों में काम करने गए मजदूर तक वापस लौट आए हैं, लेकिन रोजगार के अभाव में फिर दीवाली के बाद मजदूरों का पलायन शुरू हो जाएगा, लेकिन कोरोना संक्रमण का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में मजदूरों को रोकने के लिए मनरेगा के तहत नए-नए कार्य सृजित कर स्वीकृत किए जा रहे हैं। इस साल मनरेगा में सबसे ज्यादा 1 लाख 20 हजार मजदूरों ने काम किया है। मानसून सीजन में यह घटकर 7 हजार तक पहुंच गया है, लेकिन मानसून समाप्त होने के बाद अब फिर से संख्या बढ़ने लगी है। वर्तमान में यह बढ़ कर 18 हजार तक पहुंच चुका है।
डेढ़ लाख मजदूरों को रोजगार देने का लक्ष्य
कलेक्टर भीम सिंह ने इस साल दिसंबर और जनवरी माह में जिले ग्रामीण इलाकों में डेढ़ लाख से ज्यादा मजदूरों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। यही वजह है कि लगातार ग्राम पंचायत व इनके आश्रित ग्रामों में भी काम सृजित किए जा रहे हैं। वर्तमान में पूरे 1445 ग्राम पंचायतों में दर्जन भर से अधिक स्वीकृत है।
सबसे ज्यादा मजदूर जिले में कर रहे काम
प्रदेश के सभी जिलों में रायगढ़ रोजगार मुहैया कराने में अव्वल है। वर्तमान में रायगढ़ जिले में 18042 मजदूर की उपस्थिति के साथ पहले स्थान पर है। 17171 मजदूर संख्या के साथ सरगुजा दूसरे तो राजनांदगांव तीसरे और चौथे स्थान पर कोरबा जिला है। यहां मजदूरों की उपस्थिति वर्तमान में साढ़े नौ हजार तक पहुंच गई है।
43 फीसदी मजदूरों को 100 दिवस मिला रोजगार
सौ दिवस रोजगार मुहैया कराने वाले जिलों में रायगढ़ पहले स्थान पर है। जिले में छह हजार का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें 2887 लोगों को सौ दिवस रोजगार प्राप्त हो चुका है। वहीं 75 से 90 दिवस कार्य करने वालों की संख्या 31 सौ है। जिले में अबतक 43 प्रतिशत लोगों को सौ दिवस रोजगार प्राप्त हो चुका है। इस मामले में दूसरे स्थान पर नारायणपुर और तीसरे स्थान पर दंतेवाड़ा है।
इन कार्यों को दी गई मंजूरी
5000 वर्मी कंपोस्ट पीट स्वीकृत
2500 घरों में गाय और बकरी कोठा
3862 नलों के आगे रिचार्ज पीठ
3306 जगहों पर सोख पीठ
332 आंगनबाड़ी भवन का निर्माण
1127 स्कूलों में अहाता निर्माण
357 धान खरीदी केंद्रों में चबूतरा निर्माण
300 नए गौठानों का निर्माण
73 समितियों में गोदाम निर्माण
प्रत्येक गांव में कार्य स्वीकृत किए गए हैं
“दीवाली के बाद मजदूरों का पलायन रोकने के लिए इस साल प्रत्येक ग्राम पंचायत और उनके आश्रित ग्राम में काम स्वीकृत किए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को काम की तलाश में बाहर न जाना पड़े।”
-ऋचा प्रकाश चौधरी, सीईओ जिला पंचायत

