रायगढ़. कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों में सिरदर्द, बदन दर्द, नींद नहीं आने और चक्कर जैसी तकलीफें हो रही हैं। इन समस्याओं के साथ फेफड़े की सिकुड़न की तकलीफ वाले पांच-छह मरीज हर रोज आ रहे हैं। मेकाहारा में मंगलवार को एक ऐसी महिला की मौत हुई जो कोरोना से उबर चुकी थी लेकिन ऑक्सीजन लेवल कम होने के साथ सांस लेने में तकलीफ हुई और सेप्टीसिमिया (खून में इंफेक्शन) भी पाया गया।
दोबारा रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन लक्षण कोरोना जैसे
मेकाहारा के फिजिशियन डा. जितेंद्र नायक ने बताया कि कोविड से उबर चुकी महिला को सांस लेने में तकलीफ हुई। उसे मेकाहारा में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद भी अचानक उसमें कोरोना जैसे लक्षण हावी हुए। जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आई। इसे पोस्ट कोविड सीक्वल माना जा सकता है। जांच में पता चला कि कोरोना के कारण महिला के फेफड़े बुरी तरह से खराब हो गए थे। उसे सेप्टीसिमिया के साथ बैक्टिरियल इंफेक्शन भी हो गया और उसकी जान चली गई। महिला की उम्र लगभग 24 साल थी। डॉक्टरों के लिए यह पहले बना हुआ है कि जब कोरोना संक्रमण से महिला उबर चुकी थी और उसे पहले कोई गंभीर बीमारी नहीं थी तो फेफड़े इतने खराब कैसे हुए और सेप्टीसिमिया कैसे हुआ। सेप्टीसिमिया में रक्त संक्रमित हो जाता है।
हल्के में ना लें, संक्रमण से उबरने के बाद भी परेशानी
सितंबर महीने में मेकाहारा में सांस संबंधी रोग के 363 मरीज पहुंचे
अक्टूबर के 20 दिन में 245 मरीज आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर कोरोना से उबर चुके लोग हैं

